वाराणसी में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ छह गिरफ्तार
वाराणसी में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान ऑपरेशन साइ वज्र के तहत थाना सिगरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को धन का लालच देकर उनके आधार कार्ड में कूटरचना कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था और उन खातों की बैंक किट साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सरगना और बैंक किट की डिलीवरी में सहयोग करने वाले एक पोस्टमैन सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के मामलों में किया गया और इन खातों से जुड़े कुल इक्कीस साइबर शिकायतों में लगभग छिहत्तर लाख चवालीस हजार चार सौ छिहत्तर रुपये सत्तानवे पैसे की धोखाधड़ी दर्ज है।
ऑपरेशन साइ वज्र के तहत हुई संयुक्त कार्रवाई
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू काद्यान तथा अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन और साइबर नोडल अधिकारी नृपेन्द्र के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज के नेतृत्व में थाना सिगरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल की टीम ने रविवार को महमूरगंज स्थित ओम पब्लिक स्कूल तिराहा के पास से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के विरुद्ध थाना सिगरा में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस तरह तैयार किए जाते थे साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते
पुलिस के अनुसार गिरोह सबसे पहले आर्थिक लालच देकर लोगों के आधार कार्ड में दर्ज स्थायी पते को कूटरचित तरीके से बदल देता था और उन्हें सिगरा क्षेत्र का निवासी दर्शाया जाता था। इसके बाद संशोधित दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। खाते खुलने के बाद बैंक की चेकबुक पासबुक और डेबिट कार्ड जैसी बैंक किट निर्धारित पते पर पहुंचने से पहले ही पोस्टमैन से संपर्क कर प्राप्त कर ली जाती थी। इसके बाद बैंक खाते से जुड़े मोबाइल सिम और बैंक किट को पैक कर कोरियर के माध्यम से साइबर अपराधियों तक भेज दिया जाता था जिससे देश के अलग अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा सके।
देश के कई राज्यों में दर्ज हैं साइबर ठगी की शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद बैंक खातों और बैंक किट से जुड़े कुल इक्कीस साइबर शिकायतें बिहार कर्नाटक राजस्थान पंजाब हरियाणा महाराष्ट्र तमिलनाडु असम और मणिपुर सहित कई राज्यों में दर्ज हैं। इन मामलों में कुल छिहत्तर लाख चवालीस हजार चार सौ छिहत्तर रुपये सत्तानवे पैसे की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
गिरफ्तार आरोपियों से यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की चार चेकबुक तीन सीलबंद चेकबुक तीन सीलबंद डेबिट कार्ड ग्यारह पासबुक छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन दो पैन कार्ड तथा तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि यह बरामदगी गिरोह के नेटवर्क और साइबर अपराध से उसके संबंधों की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होगी।
एक आरोपी का पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुमार कन्नौजिया के विरुद्ध पूर्व में जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र में साइबर अपराध और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से संबंधित प्रकरण दर्ज है। वर्तमान मामले में भी उसके विरुद्ध थाना सिगरा में मुकदमा दर्ज किया गया है जबकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी इसी प्रकरण में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बैंक खातों और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऑपरेशन साइ वज्र के अंतर्गत आगे भी ऐसे नेटवर्क के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा ताकि साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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