दालमंडी में सुरक्षा घेरे के बावजूद सपा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब कड़े पुलिस सुरक्षा बंदोबस्त के बावजूद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचने में सफल रहा। प्रशासन ने पहले से ही क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक गतिविधि को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे और कई नेताओं को नजरबंद भी किया गया था। इसके बावजूद सपा के कुछ पदाधिकारी पुलिस को चकमा देकर दालमंडी पहुंच गए।
कई नेताओं को किया गया नजरबंद
सूत्रों के अनुसार सपा के प्रस्तावित दौरे की जानकारी मिलते ही पुलिस ने एहतियातन कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। दालमंडी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई।
इसके बावजूद सपा के पदाधिकारी किशन दीक्षित, लालू यादव, राहुल यादव और अन्य कार्यकर्ता अलग-अलग मार्गों से होते हुए क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि उन्होंने छोटे रास्तों और गलियों का सहारा लिया, जिससे वे पुलिस की निगरानी से बचते हुए दालमंडी पहुंच गए।
पीड़ितों से मुलाकात, प्रशासन पर आरोप
दालमंडी पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय दुकानदारों, भवन स्वामियों और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। प्रतिनिधियों का कहना है कि वे हालिया घटनाओं से प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनने और उनके साथ एकजुटता व्यक्त करने पहुंचे थे। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर उन्हें रोकने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व है कि वह जनता की आवाज को सुने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाए। उनका यह भी कहना था कि वे लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी प्रकार के दमन का सामना करने को तैयार हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जब क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए व्यापक सुरक्षा तैनाती की गई थी, तो प्रतिनिधिमंडल वहां तक कैसे पहुंच गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और कहा है कि कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी गई।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
घटना के बाद वाराणसी में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। सपा कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए थे। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
दालमंडी में सपा पदाधिकारियों की उपस्थिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है।
LATEST NEWS