वाराणसी में बेटे के खिलाफ पिता ने दर्ज कराया केस, नशे की लत से हिंसक हुआ युवक
वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने ही बेटे के खिलाफ मारपीट, धमकी और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया है। शिवशक्ति नगर, डाफी निवासी योगेश्वर उपाध्याय ने अपने बड़े बेटे दिव्यांशु उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप
योगेश्वर उपाध्याय के अनुसार, उनका बेटा दिव्यांशु उपाध्याय नशे की लत के कारण पूरी तरह से हिंसक हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिव्यांशु ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और यहां तक कि देशी कट्टे से जान से मारने की कोशिश भी की।
घटना के दौरान किसी तरह योगेश्वर अपनी जान बचाकर घर से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी पत्नी और घर में मौजूद अन्य लोगों की जान अभी भी खतरे में है।
नशे की लत बनी विवाद की जड़
योगेश्वर ने बताया कि उनका बेटा चरस, गांजा, हेरोइन और शराब का सेवन करता है, जिसके कारण वह अक्सर झगड़ा करता है और घर में तोड़फोड़ करता रहता है। अत्यधिक नशे के कारण उसका व्यवहार असामान्य और आक्रामक हो गया है।
दोस्तों पर भी लगाए गंभीर आरोप
पिता ने दिव्यांशु के दो मित्रों शक्ति सेठ और रवि यादव पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये दोनों युवक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और दिव्यांशु को नशे के पदार्थ उपलब्ध कराते हैं। साथ ही, इन्हीं के माध्यम से दिव्यांशु को देशी कट्टा भी मिला, जिसका इस्तेमाल कर उसने घर में हमला करने की कोशिश की।
पुलिस ने शुरू की जांच
लंका थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में दहशत का माहौल
योगेश्वर उपाध्याय का कहना है कि बेटे के इस व्यवहार से पूरा परिवार दहशत में है। लगातार हो रही मारपीट और धमकियों के कारण घर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना नशे की बढ़ती समस्या और उसके दुष्परिणामों को उजागर करती है। एक पिता का अपने ही बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना इस बात का संकेत है कि नशे की लत किस तरह परिवारों को तोड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और परिवारों को सुरक्षित रखा जा सके।
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