वाराणसी गंगा में सेल्फी लेना पड़ेगा महंगा, जल पुलिस की सख्त एडवाइजरी, होगी कानूनी कार्रवाई

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Sandeep Srivastava
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वाराणसी में गंगा नदी पर नौका विहार के दौरान सेल्फी लेने पर अब कड़ी कार्रवाई होगी।

वाराणसी में गंगा नदी पर नौकायन के दौरान लापरवाही पर सख्त एडवाइजरी जारी

वाराणसी: गंगा नदी पर नौका विहार के दौरान बढ़ती लापरवाहियों और उससे जुड़ी दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जल पुलिस ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि नौका विहार करते समय बीच धारा में नाव रोककर सेल्फी लेने या वीडियो बनाने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे स्टंट यात्रियों की जान को खतरे में डालते हैं और नदी में चल रहे अन्य जलयानों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। हाल के दिनों में घाटों के आसपास भीड़ और पर्यटकों की संख्या बढ़ी है जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

घाटों पर बढ़ती भीड़ और दुर्घटनाओं की आशंका

गंगा नदी पर वाराणसी के प्रमुख घाटों के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में नौकाओं का संचालन होता है। धार्मिक यात्रियों के साथ साथ देश विदेश से आने वाले पर्यटक भी नौका विहार के दौरान फोटो और वीडियो बनाने के लिए नाव को बीच धारा में रुकवाने का दबाव बनाते हैं। जल पुलिस के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से नाव का संतुलन बिगड़ने और टक्कर की आशंका बनी रहती है। घाटों के पास पहले से ही नावों की आवाजाही अधिक होती है जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

अधिकारियों का बयान और कानूनी प्रावधान

इस संबंध में एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नौका संचालन की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी जारी की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर बोट चालक और बोट मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बीएनएस दो हजार तेइस की धारा दो सौ बयासी के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान पहले भारतीय दंड संहिता की धारा दो सौ इक्यासी के रूप में लागू था। कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति नाव या किसी भी प्रकार के जलयान को लापरवाही से चलाता है और उससे मानव जीवन या संपत्ति को खतरा होता है तो दोषी को छह महीने तक की जेल या दस हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजा हो सकती है। इस प्रावधान का उद्देश्य नदी में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।

सुरक्षा के लिए तय किए गए दिशा निर्देश

जल पुलिस ने लगातार दूसरे दिन नौकायन को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि चलती नाव पर खड़े होकर सेल्फी लेना या वीडियो बनाना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। बोट पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर रोक होगी और बिना लाइफ जैकेट पहनाए किसी को भी नाव पर सवार नहीं कराया जाएगा। नाव की गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि घाटों के आसपास भीड़ और दूसरी नौकाओं से टकराव की स्थिति न बने। अस्सी घाट से नमो घाट की ओर जाने वाली नावों को अपने दाहिने रेता साइड से और नमो घाट से अस्सी घाट की ओर आने वाली नावों को अपने दाहिने घाट की ओर से चलाने के निर्देश दिए गए हैं जिससे जलमार्ग पर आवागमन सुचारु बना रहे।

पृष्ठभूमि और प्रशासन की तैयारी

वाराणसी में धार्मिक आयोजनों और पर्यटन सीजन के दौरान गंगा नदी पर नौकायन की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। बीते वर्षों में घाटों के आसपास नावों की टक्कर और यात्रियों के गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने नौका संचालन के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। जल पुलिस द्वारा नियमित निगरानी और औचक जांच के माध्यम से नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

पर्यावरण और यात्रियों की सेहत से जुड़े निर्देश

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अत्यधिक धुआं देने वाली खराब नावों का संचालन गंगा में नहीं किया जाएगा क्योंकि इससे पर्यावरण के साथ यात्रियों की सेहत पर भी असर पड़ता है। तय किराये से अधिक राशि वसूलने पर कार्रवाई होगी। सवारियों को चढ़ाते उतारते समय किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रियों के साथ बदतमीजी या मारपीट करने मादक पदार्थों के सेवन के बाद नाव चलाने बिना पंजीकरण के बोट संचालन करने और प्रशासन द्वारा निर्धारित समय के बाद नाव चलाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नियमों और शर्तों का पालन न होने की स्थिति में जलयान बोट चालक और बोट मालिक सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील

जल पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा नदी पर नौका विहार के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षित और अनुशासित नौकायन से न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि घाटों पर भीड़ प्रबंधन और जलमार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से ही गंगा में सुरक्षित नौकायन संभव है।