गायघाट पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर नाव संचालन, दो नाविकों पर मुकदमा, एक नाव सीज
कमिश्नरेट वाराणसी के काशी जोन अंतर्गत थाना कोतवाली पुलिस ने गायघाट पर गंगा नदी में क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर लापरवाहीपूर्वक नाव संचालन करने के मामले में दो नाविकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया है। साथ ही संबंधित नाव को सीज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान तथा नाव संचालन में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश के क्रम में यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
दर्शनार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़
दिनांक 20 फरवरी 2026 को गायघाट पर गंगा नदी में दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं को निर्धारित क्षमता से अधिक बैठाकर नाव चलाई जा रही थी। जांच में पाया गया कि नाव संचालन में आवश्यक सावधानियों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका हो सकती थी।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर तत्काल कार्रवाई की।
दो नाव संचालकों के विरुद्ध मुकदमा
थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 48/2026, धारा 282 एवं 284 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। आरोपित नाव संचालक एवं सह संचालक के नाम इस प्रकार हैं—
1. विष्णु साहनी पुत्र लल्लू साहनी, निवासी के03/31 गायघाट, थाना कोतवाली, वाराणसी।
2. सोमारु साहनी पुत्र स्व. मिठाई लाल, निवासी के01/31 गायघाट, थाना कोतवाली, वाराणसी।
संबंधित नाव को सीज कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना का विवरण
घटना की तिथि: 20 फरवरी 2026
स्थान: गायघाट, गंगा नदी, थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
1. प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह, थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी।
2. उपनिरीक्षक राज कुमार, चौकी प्रभारी गायघाट, थाना कोतवाली।
3. उपनिरीक्षक हिमांशु कुमार, थाना कोतवाली।
4. कांस्टेबल गोविंद सिंह, थाना कोतवाली।
5. कांस्टेबल अरुण कुमार व्यास, थाना कोतवाली।
पुलिस प्रशासन ने नाव संचालकों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गंगा में नाव संचालन के दौरान निर्धारित क्षमता, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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