वाराणसी में परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध निर्माण, एनओसी विवाद में फंसी भवन मानचित्र पास करने की प्रक्रिया
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ता जा रहा है। यहां होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक भवनों का निर्माण लगातार हो रहा है, लेकिन इन भवनों के मानचित्र पास नहीं हो पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण रक्षा संपदा की जमीन से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी की जटिल प्रक्रिया बताई जा रही है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के अभियंताओं और कर्मियों की लापरवाही के चलते इस क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। विकास प्राधिकरण द्वारा कई बार नोटिस जारी करने और कुछ भवनों को सील करने की कार्रवाई जरूर की जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण का सिलसिला जारी है।
एनओसी के अभाव में नहीं पास हो पा रहे भवन मानचित्र
जानकारी के अनुसार रक्षा संपदा की भूमि पर भवन मानचित्र पास करने का अधिकार वाराणसी विकास प्राधिकरण को मिल चुका है। इसके बावजूद रक्षा संपदा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण भवन मानचित्र की फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों और विभागीय प्रक्रिया दोनों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
इस स्थिति के कारण कई भवनों का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के ही किया जा रहा है। जब विकास प्राधिकरण को ऐसे निर्माणों की जानकारी मिलती है तो औपचारिक कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी कर दिए जाते हैं और कुछ मामलों में भवनों को सील भी किया जाता है। हालांकि इसके बाद भी निर्माण कार्य रुकने की बजाय जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
नगर निगम को मिला था जमीन का केयरटेकर अधिकार
बताया जाता है कि रक्षा संपदा की यह जमीन करीब 30 वर्षों के लिए नगर निगम को केयरटेकर के रूप में दी गई थी। केयरटेकर की अवधि समाप्त होने के बाद रक्षा संपदा ने नगर निगम से जमीन को पूर्व स्थिति में वापस करने को कहा। लेकिन तब तक इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति में काफी बदलाव आ चुका था।
इसके बाद पूर्व मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, नगर निगम, वाराणसी विकास प्राधिकरण और रक्षा संपदा विभाग के बीच कई चरणों में बैठकें हुईं। इन बैठकों में निर्णय लिया गया कि नगर निगम पहले की तरह इस जमीन की देखभाल करता रहेगा और विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रोक लगाने की जिम्मेदारी निभाएगा।
160 एकड़ जमीन पर एनओसी की अनिवार्यता
बैठकों के बाद यह भी निर्णय लिया गया कि विकास प्राधिकरण इस क्षेत्र में भवन मानचित्र पास करेगा। हालांकि बाद में एक आदेश जारी किया गया कि लगभग 160 एकड़ क्षेत्र में भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए भवन स्वामियों को रक्षा संपदा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
इस आदेश को लागू हुए करीब पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक रक्षा संपदा की जमीन पर विकास प्राधिकरण एक भी भवन मानचित्र पास नहीं कर सका है। इसी कारण इस इलाके में अवैध निर्माण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
विकास प्राधिकरण ने उठाया समाधान का मुद्दा
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि रक्षा संपदा ने नगर निगम को जितने समय के लिए केयरटेकर का अधिकार दिया है, उतनी अवधि तक विकास प्राधिकरण को भवन मानचित्र पास करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे एक ओर अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लग सकेगी और दूसरी ओर प्राधिकरण को राजस्व भी प्राप्त होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस विवाद का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में अवैध निर्माण की समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट नीति बनाकर इस स्थिति को नियंत्रित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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