वाराणसी में जलकर-गृहकर सरचार्ज माफी योजना 31 मार्च तक, 53 दिनों में 29 करोड़ रुपये जमा
वाराणसी: नगर निगम वाराणसी की ओर से लागू की गई जलकर और गृहकर सरचार्ज माफी योजना को शहर के भवन स्वामियों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपने बकाया कर का भुगतान कर इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने योजना की अंतिम तिथि 31 मार्च तय की है और साफ किया है कि इसके बाद बकाया करदाताओं से सरचार्ज सहित पूरी राशि वसूली जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कुर्की जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में निगम ने सभी भवन स्वामियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने बकाया गृहकर, जलकर और सीवरकर का भुगतान कर इस योजना का लाभ उठाएं।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह योजना राजस्व संग्रह के लिहाज से काफी प्रभावी साबित हो रही है। पिछले 53 दिनों में बड़ी संख्या में करदाताओं ने आगे आकर अपने बकाये का भुगतान किया है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक 19 जनवरी से 12 मार्च के बीच कुल 21,823 भवन स्वामियों ने करीब 29 करोड़ रुपये का गृहकर और जलकर जमा किया है। इससे नगर निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लंबे समय से लंबित करों की वसूली में भी तेजी आई है।
44 करोड़ रुपये के सरचार्ज में मिली राहत
इस योजना के तहत करदाताओं को सरचार्ज में बड़ी राहत भी मिल रही है। नगर निगम के अनुसार अब तक लगभग 44 करोड़ रुपये के सरचार्ज की माफी दी जा चुकी है, जो कि करदाताओं द्वारा जमा की गई मूल राशि से भी अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि योजना के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि यह संकेत देती है कि करदाता इस अवसर का उपयोग कर अपने पुराने बकाये का निपटारा करना चाहते हैं।
छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे कर काउंटर
वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण को देखते हुए नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। 14 मार्च को माह का द्वितीय शनिवार और 15 मार्च को रविवार होने के बावजूद नगर निगम का कर विभाग खुला रहेगा। इन दोनों दिनों में नगर निगम मुख्यालय के साथ-साथ सभी जोनल कार्यालयों में गृहकर, जलकर और सीवरकर जमा किए जा सकेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें।
ऑनलाइन भुगतान की भी सुविधा
नगर निगम ने करदाताओं के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। भवन स्वामी घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन कर या नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च के बाद किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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