वाराणसी: लोहता क्षेत्र के ककरहिया गांव में मंगलवार को शोक और संवेदना का वातावरण रहा। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं आदर्श गांव ककरहिया के पूर्व प्रधान मनोज सिंह के पिता रामजीत सिंह के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। रामजीत सिंह का 15 तारीख को दोपहर बाद हृदय गति रुक जाने के कारण निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही सामाजिक, राजनीतिक और ग्राम नेतृत्व से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई थी।
मंगलवार को पूर्व सदस्य विधान परिषद बृजेश सिंह ककरहिया गांव पहुंचे और दिवंगत रामजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि रामजीत सिंह एक सरल, मिलनसार और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। इस दौरान उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि रामजीत सिंह का सामाजिक दायरा व्यापक था और वे क्षेत्र में सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। इस अवसर पर भाजपा के रामेश्वर मंडल अध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय, छितौनी गांव के प्रधान विजय जायसवाल, सरहरी प्रधान राजेंद्र पटेल, भट्ठी के प्रधानपति परमानंद सिंह, ककरहिया के प्रधान सूरज गौड़, बखरिया प्रधान सुरेश पाल, लखीमपुर प्रधान जंगबहादुर पटेल सहित कई ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा भाजपा नेता राज मिश्रा, अधिवक्ता रजनीश कांत शुक्ला, विनय सिंह समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी शोक सभा में शामिल होकर दिवंगत के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने एक स्वर में कहा कि रामजीत सिंह का जीवन सादगी, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है, जिसे गांव हमेशा याद रखेगा।
ककरहिया गांव में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा। लोगों का आवागमन लगातार जारी रहा और हर किसी की जुबान पर दिवंगत आत्मा के लिए श्रद्धांजलि और परिवार के प्रति संवेदना के शब्द सुनाई देते रहे। यह शोक सभा न केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम थी, बल्कि क्षेत्र में आपसी सामाजिक जुड़ाव और मानवीय संवेदनाओं का भी सशक्त उदाहरण बनी।
