वाराणसी में लोन विवाद ने लिया हिंसक रूप बैंक परिसर में मारपीट और धमकी का मामला दर्ज
वाराणसी: शहर के सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी फाइनेंस बैंक में लोन की किस्त जमा करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में एक ग्राहक के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दिए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना ने बैंकिंग संस्थानों में सुरक्षा और व्यवहारिक मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किस्त जमा करने के दौरान शुरू हुआ विवाद
घटना 9 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता समशेर कुमार यादव के अनुसार उन्होंने एक वाहन लोन लिया था और उसकी किस्तों का भुगतान समय समय पर करते रहे हैं। इसी क्रम में वह निर्धारित किस्त जमा करने के लिए बैंक पहुंचे थे। बैंक परिसर में किसी बात को लेकर उनकी कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। शुरुआत में यह मामूली बहस थी लेकिन कुछ ही देर में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मारपीट और धमकी के गंभीर आरोप
पीड़ित का आरोप है कि बैंक में मौजूद कर्मचारी राहुल पाल सहित अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और फिर हाथापाई शुरू कर दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर मौजूद बबलू यादव भानु सिंह और जाहिद नामक व्यक्ति भी विवाद में शामिल हो गए और सामूहिक रूप से उनके साथ मारपीट की। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई जिससे वह भयभीत हो गए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद समशेर कुमार यादव ने सिगरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और बयानों की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि विवाद की जड़ लोन की किस्त जमा करने और उससे जुड़े रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ी या गलतफहमी हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की सच्चाई स्पष्ट हो सके।
बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बैंकिंग संस्थानों में ग्राहकों की सुरक्षा और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर बैंक को सुरक्षित और अनुशासित स्थान माना जाता है जहां ग्राहकों को सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं और सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं पर सख्ती जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो सके और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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