वाराणसी: मिड-डे मील में गैस किल्लत पर कार्रवाई, दो प्रधानाध्यापक निलंबित
वाराणसी में मिड-डे मील योजना के तहत गैस सिलिंडर की कमी के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई काशी विद्यापीठ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ककरहिया और बच्छांव में गैस के अभाव में लकड़ी जलाकर भोजन बनाने की शिकायत सामने आने के बाद की गई है।
समाचार के बाद हुई कार्रवाई
19 मार्च को प्रकाशित “मध्याह्न भोजन पर भारी पड़ रही सिलिंडर की किल्लत” समाचार के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच के उपरांत दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक जितेंद्र यादव और राकेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
लापरवाही और अभिलेखीय साक्ष्य की कमी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित प्रधानाध्यापकों ने गैस सिलिंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। साथ ही वे इस संबंध में कोई ठोस अभिलेखीय साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर सके। विभाग ने यह भी माना कि इस मामले के सार्वजनिक होने से शासन और विभाग की छवि प्रभावित हुई है।
एजेंसी की आपूर्ति में भी सामने आई समस्या
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि गैस एजेंसी द्वारा सीमित बुकिंग और आपूर्ति की जा रही थी, जिससे विद्यालयों में संकट की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि विभाग का दावा है कि विद्यालयों के लिए गैस आपूर्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं है और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
निलंबन के दौरान बीआरसी से संबद्धता
निलंबित प्रधानाध्यापकों को निलंबन अवधि में ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) से संबद्ध किया गया है, जहां वे निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
सख्त संदेश और भविष्य की तैयारी
इस कार्रवाई के जरिए शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मिड-डे मील योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में गैस सिलिंडर की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
यह घटना विद्यालयों में संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता को भी उजागर करती है, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
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