वाराणसी/रामनगर: आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए वाराणसी कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने आज मंगलवार को रामनगर के बटाउबीर स्थित श्यामा उपवन में जनसुनवाई की। प्रत्येक मंगलवार की तरह आयोजित इस जनसुनवाई में क्षेत्र के कई दर्जन लोग अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने मोहल्ले में सड़क निर्माण की मांग उठाई, तो किसी ने बिजली और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी परेशानियां विधायक के सामने रखीं। इस दौरान मारपीट में घायल एक व्यक्ति ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। विधायक ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा। जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग दंपत्ति की परेशानी विशेष रूप से सामने आई। दंपत्ति ने बताया कि उनके बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया है और अब उन्हें रहने तथा भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंता सता रही है। उनकी बात सुनकर विधायक ने मदद का भरोसा दिया।
मारपीट में घायल व्यक्ति की शिकायत पर अधिकारियों से बातचीत
जनसुनवाई में चौराहे पर हुई मारपीट में घायल एक व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर पहुंचा। उसने विधायक को घटना और चोट लगने के बाद सामने आ रही परेशानियों के बारे में बताया। मामले को सुनने के बाद सौरभ श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों पर संबंधित विभाग गंभीरता से ध्यान देंगे। ऐसे मामलों में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
मोहल्लों में इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की मांग
रामनगर के विभिन्न मोहल्लों से आए लोगों ने अपने क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई। कई लोगों ने विधायक निधि से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव सौंपे। स्थानीय लोगों का कहना था कि मोहल्लों में सड़कों की स्थिति बेहतर होने से आवागमन आसान होगा और लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। विधायक ने लोगों से प्राप्त प्रस्तावों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया। इन प्रस्तावों पर निर्माण कार्य कब शुरू होगा, यह संबंधित विभागों की जांच, स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
बिजली और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं
जनसुनवाई के दौरान कुछ बुजुर्गों ने अपने घरों में बिजली से संबंधित समस्याएं रखीं। शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। वहीं, दिव्यांग पेंशन से जुड़ी परेशानी लेकर पहुंचे एक व्यक्ति की शिकायत पर भी उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात की। इस दौरान मामले को समझते हुए समाधान की दिशा में कार्रवाई के लिए पहल की गई। बिजली और पेंशन जैसी सुविधाएं आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं। ऐसे में शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों की सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब इन मामलों में आगे की कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं को मिलने वाली राहत पर नजर रहेगी।
बच्चों ने घर से निकाला, बुजुर्ग दंपत्ति ने लगाई मदद की गुहार
जनसुनवाई में सबसे संवेदनशील मामला एक बुजुर्ग दंपत्ति का रहा। अपनी परेशानी लेकर पहुंचे दंपत्ति ने बताया कि उनके बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। इस स्थिति के कारण उनके सामने रहने और खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर कठिनाई खड़ी हो गई है। उम्र के इस पड़ाव पर परिवार से सहारा नहीं मिलने के कारण उन्हें दूसरों की मदद की जरूरत महसूस हो रही है। दंपत्ति की बात सुनकर विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और वृद्धाश्रम में रहने की सलाह दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि वहां रहने और भोजन की व्यवस्था को लेकर उनकी परेशानी दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक ने बुजुर्ग दंपत्ति को भरोसा दिलाते हुए कहा, “हम सभी आपके बेटे हैं। आपको रहने और खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।” उनके इस आश्वासन से दंपत्ति को अपनी कठिन परिस्थिति में मदद मिलने की उम्मीद जगी। हालांकि, वृद्धाश्रम में उनके रहने और भोजन की व्यवस्था वास्तव में सुनिश्चित हो पाती है या नहीं, यह आगे की व्यवस्था और संबंधित संस्थान से समन्वय पर निर्भर करेगा। ऐसे मामलों में जरूरतमंद बुजुर्गों को केवल आश्वासन ही नहीं, बल्कि सुरक्षित आवास, भोजन और नियमित देखभाल उपलब्ध कराना भी जरूरी होता है।
बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान सामाजिक जिम्मेदारी
परिवार से अलग होने या घर से निकाले जाने की स्थिति में बुजुर्गों के सामने रहने, भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में परिवार, समाज और संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। बुजुर्ग दंपत्ति का मामला इस जरूरत की ओर ध्यान दिलाता है कि संकट में फंसे वरिष्ठ नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचनी चाहिए। यदि कोई बुजुर्ग अपने परिवार के साथ रहने में असमर्थ है, तो उसके लिए सुरक्षित आवास और भोजन की व्यवस्था के साथ उसकी इच्छा, सम्मान और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
जनसुनवाई में शिकायतों के निस्तारण पर रहा जोर
रामनगर के बटाउबीर स्थित श्यामा उपवन में हुई जनसुनवाई में सड़क निर्माण, बिजली, दिव्यांग पेंशन और मारपीट से संबंधित शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा बेघर हुए बुजुर्ग दंपत्ति ने भी अपनी परेशानी विधायक के सामने रखी। सौरभ श्रीवास्तव ने शिकायतकर्ताओं की बातें सुनकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा। जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुंचाने का अवसर देना और संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है।
अब जनसुनवाई में उठाए गए मामलों पर संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सड़क निर्माण के प्रस्तावों पर स्वीकृति, बिजली और पेंशन से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण तथा मारपीट के मामले में नियमानुसार कार्रवाई से ही लोगों को वास्तविक राहत मिल सकेगी। वहीं, बेघर बुजुर्ग दंपत्ति को दिया गया मदद का भरोसा तभी सार्थक होगा, जब उनके रहने, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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