वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र के कुरहुआ गांव में घर के भीतर पत्नी और बच्चों के साथ सो रहे 40 वर्षीय व्यक्ति पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रात में दो लोग घर की चारदीवारी फांदकर अंदर घुसे और दरवाजे का लॉक खोलकर भीतर पहुंच गए। इसके बाद सो रहे उमेश शेखर की गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिसिरपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल उमेश शेखर का ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर एक नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चारदीवारी फांदकर घर में घुसे हमलावर, सोते समय गर्दन पर किया वार
पीड़ित उमेश शेखर के अनुसार, रात में दो लोग उनके घर की चारदीवारी फांदकर अंदर दाखिल हुए। आरोप है कि दोनों ने पेचकस की मदद से दरवाजे का लॉक खोला और घर के भीतर पहुंच गए। उस समय उमेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सो रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उनकी गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। उमेश की पत्नी के शोर मचाने पर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। बताया गया कि घटना के दौरान एक पेचकस खेत में गिर गया था। घायल उमेश ने अपने भाई डॉ. सीएस वर्मा को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
दो साल पहले भी हमला किए जाने का लगाया आरोप
उमेश शेखर ने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले भी उन पर चाकू से हमला किया गया था। उनके मुताबिक, उस समय वह घर के पास टहल रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया था और उन्हें चोटें आई थीं। मौजूदा घटना में पीड़ित ने गजाधरपुर निवासी मंगरू प्रसाद यादव और उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति पर हमला करने का आरोप लगाया है। उमेश का कहना है कि दूसरे व्यक्ति को सामने लाए जाने पर वह उसकी पहचान कर सकते हैं। हालांकि, पहले हुई घटना और मौजूदा हमले के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है।
जमीन विवाद से जोड़कर देखा जा रहा मामला, न्यायालय में विचाराधीन है प्रकरण
घटना को जमीन संबंधी विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उमेश शेखर के भाई डॉ. सीएस वर्मा ने बताया कि उनके अस्पताल के सामने एक जमीन स्थित है। उनका आरोप है कि सितंबर में रात के समय कुछ लोगों ने उक्त जमीन की चारदीवारी गिरा दी थी। इस मामले में उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए थे। डॉ. वर्मा का आरोप है कि फुटेज दिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, जमीन से संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
हालांकि, जमीन विवाद और उमेश शेखर पर हुए ताजा हमले के बीच सीधे संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे जमीन संबंधी विवाद ही कारण था या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। पुलिस की जांच में ही घटना की परिस्थितियों, आरोपितों की भूमिका और संभावित कारणों के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित और उनके परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही जांच
इस मामले में एसीपी अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर एक नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान हमले की परिस्थितियों, आरोपित व्यक्तियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की ओर से जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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