वाराही घाट पर गंगा में डूब रहे बिहार के युवक को एनडीआरएफ ने बचाया, तत्परता से टला बड़ा हादसा
मान मंदिर घाट के समीप स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया था युवक, एनडीआरएफ जवान की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से बची जान
वाराणसी: शिव की नगरी काशी के ऐतिहासिक गंगा घाटों पर आज शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। मान मंदिर घाट के समीप स्थित वाराही घाट पर स्नान कर रहे बिहार के गोपालगंज निवासी 28 वर्षीय पुनीत शर्मा अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घटना के दौरान घाट पर मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया, लेकिन मौके पर तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ के जवान की तत्परता और साहसिक प्रयास से युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते किए गए इस बचाव अभियान ने एक संभावित दुखद घटना को टाल दिया और घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
स्नान के दौरान बिगड़ा संतुलन, गहरे पानी में पहुंच गया युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपालगंज बिहार निवासी पुनीत शर्मा शनिवार सुबह गंगा स्नान के लिए वाराही घाट पहुंचे थे। स्नान के दौरान वह धीरे धीरे गहरे जल क्षेत्र की ओर बढ़ गए। बताया जाता है कि अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगे। स्थिति को समझने से पहले ही युवक गहरे पानी में पहुंच चुका था और खुद को संभाल नहीं पा रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसे संघर्ष करते देखा तो शोर मचाया और सहायता के लिए आवाज लगाई।
घटना के समय घाट पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। युवक को डूबता देख लोगों में चिंता बढ़ गई। कई लोग सहायता के लिए आगे बढ़े, लेकिन पानी की गहराई और परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल प्रशिक्षित बचावकर्मी की आवश्यकता महसूस हुई। इसी दौरान घाट पर ड्यूटी कर रहे एनडीआरएफ जवान की नजर युवक पर पड़ी और उन्होंने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
एनडीआरएफ जवान ने दिखाई बहादुरी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ के जवान ने बिना किसी देरी के गंगा में छलांग लगा दी। तेज प्रतिक्रिया और पेशेवर प्रशिक्षण का परिचय देते हुए वह कुछ ही क्षणों में डूब रहे युवक तक पहुंच गए। काफी सावधानी और प्रयास के बाद उन्होंने युवक को सुरक्षित पकड़कर पानी से बाहर निकाला। बचाव अभियान सफल होते ही घाट पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की और जवान की बहादुरी तथा कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
बाहर निकाले जाने के बाद युवक की प्राथमिक स्थिति की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि समय पर बचाव होने के कारण उसकी हालत सामान्य पाई गई। आवश्यक देखभाल के बाद उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। यदि कुछ और देर हो जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
घाटों पर लगातार निगरानी रखती हैं एनडीआरएफ टीमें
वाराणसी के गंगा घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और सामान्य दिनों में भी स्नान करने वालों की संख्या काफी रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें विभिन्न प्रमुख घाटों पर तैनात रहती हैं। ये टीमें लगातार निगरानी रखती हैं और आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित करती हैं।
पिछले वर्षों में भी एनडीआरएफ ने गंगा नदी में डूबने या फंसने वाले कई लोगों को सुरक्षित बचाकर मानव जीवन की रक्षा की है। शनिवार को वाराही घाट पर हुआ यह सफल बचाव अभियान भी इसी सतर्कता और सेवा भावना का उदाहरण माना जा रहा है।
प्रशासन की अपील, सुरक्षा नियमों का करें पालन
प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार लोगों से अपील करती हैं कि गंगा स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें और अनजान या गहरे जल क्षेत्र में जाने से बचें। नदी की गहराई और बहाव का सही अनुमान लगाना हमेशा संभव नहीं होता, इसलिए सावधानी अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षा कर्मियों या बचाव दल को सूचना देना चाहिए ताकि समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके। वाराही घाट की यह घटना एक बार फिर बताती है कि सतर्कता और त्वरित बचाव व्यवस्था कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होती है।
LATEST NEWS