ऑपरेशन दहन के तहत रामनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन दहन के तहत शनिवार तेरह जून दो हजार छब्बीस को कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने विभिन्न मामलों में जब्त किए गए मादक पदार्थों का विधिवत विनष्टीकरण किया। इस कार्रवाई में कुल लगभग उन्नीस सौ उन्नीस किलोग्राम गांजा और बावन ग्राम नशीला पाउडर शामिल था जिसे पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ साठ लाख रुपये आंकी गई है।
कानूनी प्रक्रिया और निगरानी में हुई विनष्टीकरण की कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी के निर्देशों के अनुसार पुलिस उपायुक्त अपराध की अध्यक्षता में पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई। इसके साथ ही अपर पुलिस उपायुक्त अपराध और सहायक पुलिस आयुक्त अपराध की देखरेख में सभी चरण पूरे किए गए। पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वाराणसी के साथ समन्वय स्थापित किया गया ताकि विनष्टीकरण प्रक्रिया से किसी प्रकार का पर्यावरणीय नुकसान न हो।
नशीले पदार्थों को चंदौली स्थित रामनगर क्षेत्र के एक सुरक्षित औद्योगिक परिसर में लाया गया जहां निर्धारित मानकों के अनुसार उन्हें नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी आवश्यकता के लिए प्रमाण सुरक्षित रह सकें।
चार मुकदमों से जुड़ा था जब्त माल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह विनष्टीकरण चार अलग अलग मुकदमों से जुड़े मादक पदार्थों का था जो कई वर्षों से न्यायालयीय प्रक्रिया और मालखाने में सुरक्षित रखे गए थे। इन मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई थी। सबसे बड़ा मामला वर्ष दो हजार अठारह का था जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था। इसके अलावा वर्ष दो हजार चौबीस और दो हजार पच्चीस के मामलों में भी मादक पदार्थ जब्त किए गए थे जिन्हें न्यायालय के आदेश के बाद नष्ट करने की अनुमति मिली।
इन सभी मामलों का निस्तारण लंबे समय से लंबित था और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में अब जाकर इनका अंतिम विनष्टीकरण किया गया। पुलिस के अनुसार यह कदम कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण करने और मालखाने में लंबे समय से रखे गए अवैध पदार्थों के निपटारे के लिए आवश्यक था।
अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी हुई कार्रवाई
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस उपायुक्त अपराध, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध और सहायक पुलिस आयुक्त अपराध ने पूरी कार्रवाई की निगरानी की। स्थानीय स्तर पर थाना रामनगर के प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। डीसीआरबी के निरीक्षक सहित पुलिस टीम ने पूरे ऑपरेशन को सुरक्षा और अनुशासन के साथ संपन्न कराया।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को पुलिस बल द्वारा नियंत्रित किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके।
नशे के खिलाफ पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन दहन का मुख्य उद्देश्य केवल जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण करना नहीं है बल्कि समाज में नशे के खिलाफ मजबूत संदेश देना भी है।
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से नशा तस्करों के नेटवर्क पर प्रभाव पड़ता है और युवाओं को नशे की लत से बचाने में मदद मिलती है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे समाज हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
समाज में सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद
रामनगर पुलिस और कमिश्नरेट वाराणसी की इस संयुक्त कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में नशे के कारोबार पर और अधिक सख्ती से नियंत्रण होगा। प्रशासन लगातार ऐसे अभियानों के माध्यम से अपराध मुक्त समाज की दिशा में प्रयासरत है। इस विनष्टीकरण से न केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई है बल्कि यह भी साबित हुआ है कि पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ लगातार सक्रिय और सतर्क है।
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