वाराणसी: कुख्यात अपराधी गोलू यादव 6 माह के लिए जिला बदर, 45 से अधिक मुकदमे

By
Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
5 Min Read
कमिश्नरेट वाराणसी ने कुख्यात अपराधी गोलू यादव को 6 माह के लिए जिला बदर किया।

वाराणसी में कुख्यात अपराधी गोलू यादव छह माह के लिए जिला बदर

कमिश्नरेट वाराणसी में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार दिनांक 19 फरवरी 2026 को एक कुख्यात अपराधी के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई अमल में लाई गई है।

प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अभियुक्त की गतिविधियां लगातार जनसामान्य में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न कर रही थीं। उसका आपराधिक इतिहास चोरी, लूट, मारपीट, धमकी, शांति भंग, लोक व्यवस्था प्रभावित करने, एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं से जुड़ा रहा है। इसी आधार पर उसे कमिश्नरेट वाराणसी की सीमा से छह माह के लिए निष्कासित किया गया है।

अभियुक्त का नाम और जिला बदर आदेश

प्रेस नोट के अनुसार गोलू यादव उर्फ संदीप यादव पुत्र शम्भूनाथ यादव निवासी बेटावर गोसाईपुर थाना रोहनियां कमिश्नरेट वाराणसी, उम्र करीब 27 वर्ष के विरुद्ध धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा उसे छह माह की अवधि के लिए जिला बदर किया गया है।

जिला बदर अवधि के दौरान उक्त अभियुक्त का कमिश्नरेट वाराणसी की सीमा में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने की स्थिति में उसके विरुद्ध कठोर और दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास

प्रेस नोट में अभियुक्त का विस्तृत आपराधिक इतिहास भी प्रकाशित किया गया है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार गोलू यादव के विरुद्ध वर्ष 1991 से लेकर 2023 तक विभिन्न थानों में कुल 45 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, मारपीट, अवैध शस्त्र, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।

थाना रोहनियां, लंका, भेलूपुर, शिवपुर, चोलापुर, मण्डुवाडीह, जंसा, कैंट, लालपुर पाण्डेयपुर सहित कई थानों में उसके विरुद्ध मुकदमे पंजीकृत रहे हैं। कई मामलों में धारा 307 भारतीय दंड संहिता, 392, 394, 395, 397, 411, 504, 506, 353, 435, 436 जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 3/25 आर्म्स एक्ट, 8/22 एनडीपीएस एक्ट, 3(1) गैंगस्टर एक्ट और अन्य विशेष अधिनियमों के अंतर्गत भी कार्रवाई दर्ज है।

प्रेस नोट में यह भी उल्लेख है कि अभियुक्त के विरुद्ध कई मामलों में 25 और 27 आर्म्स एक्ट की धाराएं लागू की गई थीं। वर्ष 2018 और 2022 में भी उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हुए। कई मामलों में वह लोक व्यवस्था प्रभावित करने और संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।

लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव

प्रशासनिक आकलन के अनुसार अभियुक्त की निरंतर आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा था और आम नागरिकों में भय का वातावरण बन रहा था। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों की मौजूदगी सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

इसी परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत जिला बदर की कार्रवाई को आवश्यक और निवारक कदम माना गया है। यह कार्रवाई अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।

भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान

प्रेस नोट के अंतिम भाग में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त, निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

सोशल मीडिया सेल द्वारा जारी इस प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि कमिश्नरेट वाराणसी में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि जिला बदर जैसी कार्रवाई न केवल अपराध नियंत्रण का प्रभावी साधन है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम है। अधिकारियों के अनुसार आम जनता के हित और सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसी उद्देश्य से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।