वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के गंभीर प्रकरण को लेकर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने गठित विशेष जांच टीम की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। यह समीक्षा 31 जनवरी 2026 को आयोजित की गई, जिसमें अब तक हुई कार्रवाई, अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क तथा भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन किया गया। पुलिस आयुक्त ने इस मामले को संगठित अपराध से जुड़ा बताते हुए जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई में कुल 2 गोदामों का पर्दाफाश किया गया है। इन गोदामों से 1,19,700 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ 63 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में यह सामने आया कि यह अवैध कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था और इसके पीछे एक मजबूत सप्लाई और फाइनेंस नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 28 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें विकास सिंह नरवे, आकाश पाठक, स्वप्निल केशरी, लोकेश अग्रवाल, आदित्य जायसवाल, धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल, राहुल यादव, दिनेश यादव, आशीष यादव और फैज उर रहमान जैसे नाम शामिल हैं। जांच में पाया गया कि कुछ अभियुक्तों द्वारा शैली ट्रेडर्स से लाखों बोतल कफ सिरप की खरीद की गई, जबकि कई अभियुक्त हवाला के माध्यम से प्राप्त नगद धनराशि को बैंक खातों में जमा कराने का कार्य कर रहे थे। फर्जी इनवॉइस और ई वे बिल तैयार कर अवैध कारोबार को वैध रूप देने की भी कोशिश की गई।
आर्थिक नेटवर्क पर सख्त प्रहार करते हुए पुलिस ने कुल 65 बैंक खातों को फ्रीज कराया है, जिनमें लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये की धनराशि रोकी गई है। इसके साथ ही मुख्य सरगनाओं की 8 अचल संपत्तियों को चिन्हित कर लगभग 30 करोड़ 47 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है। फरार अभियुक्तों के खिलाफ 40 लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए हैं ताकि वे देश से बाहर न जा सकें।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि कफ सिरप की कुल 71 खेप पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश की ओर तस्करी की जा रही थी। इन खेपों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सीमा सुरक्षा बल, पश्चिम बंगाल पुलिस और त्रिपुरा पुलिस द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पकड़ा गया। इस प्रकरण में दो मुख्य अभियुक्त आकाश पाठक और शुभम जायसवाल के विरुद्ध ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आगे की कार्रवाई में शुभम जायसवाल के करीबियों की चल और अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ और बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कुर्क किया जाएगा। साथ ही बांग्लादेश सीमा से संचालित हवाला नेटवर्क की जांच और संगठित अपराधियों के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
