खबर का असर: 24 घंटे में बदली तस्वीर-रामबाग दुर्गा मंदिर मार्ग हुआ दुरुस्त, पार्षद लल्लन सोनकर की पहल बनी मिसाल
वाराणसी: रामनगर में नवरात्र के पावन पर्व पर आस्था के मार्ग पर पसरी अव्यवस्था को लेकर प्रकाशित खबर ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद लंबे समय से स्थानीय लोग और श्रद्धालु कर रहे थे। नवरात्र में आस्था पर कीचड़ का साया शीर्षक से सामने आई खबर ने न केवल प्रशासनिक तंत्र को झकझोरा बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी तत्काल एक्शन के लिए मजबूर कर दिया। परिणामस्वरूप महज 24 घंटे के भीतर रामबाग दुर्गा मंदिर मार्ग की सूरत बदल गई जहां कल तक कीचड़ गंदा पानी और हादसों का खतरा था वहीं आज समतल और सुरक्षित रास्ता श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है।
पार्षद लल्लन सोनकर ने संभाली कमान
इस परिवर्तन के केंद्र में रहे क्षेत्र के पार्षद लल्लन सोनकर जिन्होंने खबर को संज्ञान में लेते ही मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया और बिना किसी देरी के मिट्टी व मलबा डलवाकर सड़क को दुरुस्त करा दिया। पार्षद लल्लन सोनकर ने संवाददाता से बातचीत में स्पष्ट कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी समाचार पत्र न्यूज रिपोर्ट के माध्यम से मिली और जैसे ही खबर देखी तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काम शुरू करवा दिया गया। उनका कहना था कि प्रयास यही रहा कि नवरात्र में किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
मीडिया की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
पार्षद ने आगे कहा कि जब मीडिया जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाता है तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उनके अनुसार न्यूज रिपोर्ट ने जो काम किया वह सराहनीय है और इसी कारण समस्या का समाधान इतनी जल्दी संभव हो सका।
स्थानीय युवाओं ने दिखाई पहल
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। प्रशासनिक कार्रवाई से पहले जब हालात बेहद खराब थे तब आशीष राय सुरेश यादव और उमेश सोनकर जैसे युवाओं ने खुद आगे आकर गड्ढों में पत्थर और मलबा डालकर अस्थायी राहत देने का प्रयास किया था ताकि राहगीरों को परेशानी कम हो सके।
युवाओं ने भी बताया खबर को निर्णायक
जब इन युवाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने भी न्यूज रिपोर्ट की भूमिका को निर्णायक बताया। आशीष राय ने कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से प्रयास किया था लेकिन असली असर तब हुआ जब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया जिसके बाद बात सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंची और तुरंत कार्रवाई हुई।
सुरेश यादव ने बताया कि वे लोग कई दिनों से समस्या से जूझ रहे थे और शिकायतें भी की गई थीं लेकिन जब यह खबर प्रकाशित हुई तब जाकर व्यवस्था सक्रिय हुई। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि मजबूत मीडिया कितनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उमेश सोनकर ने कहा कि न्यूज रिपोर्ट ने उनकी आवाज को मजबूत मंच दिया और यदि यह खबर सामने नहीं आती तो शायद यह मार्ग अब भी बदहाल रहता। उन्होंने इस पहल के लिए आभार भी व्यक्त किया।
जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की सराहना
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक खबर नहीं बल्कि जनहित में उठाया गया सशक्त कदम था जिसने न केवल समस्या को उजागर किया बल्कि समाधान का मार्ग भी प्रशस्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में कैंट क्षेत्र के विधायक सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व और निगरानी की भी सराहना की गई।
लोकतांत्रिक समन्वय का उदाहरण
आज रामबाग दुर्गा मंदिर मार्ग पर जो बदलाव नजर आ रहा है वह केवल सड़क की मरम्मत नहीं बल्कि लोकतंत्र के उस सशक्त स्वरूप का प्रतीक है जहां मीडिया जनता और जनप्रतिनिधि मिलकर सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करते हैं।
नवरात्र के इस पावन अवसर पर यह घटना एक स्पष्ट संदेश देती है कि जब जन-आवाज उठती है तो व्यवस्था को प्रतिक्रिया देनी पड़ती है और जब जिम्मेदार संस्थाएं सक्रिय होती हैं तो कम समय में भी बड़ा बदलाव संभव हो जाता है।
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