वाराणसी के रामनगर में महाशिवरात्रि पर सेवा और समरसता का संदेश
वाराणसी के ऐतिहासिक रामनगर क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गोलाघाट युवा समिति द्वारा आयोजित प्रसाद वितरण कार्यक्रम भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। तेलियाने तिराहे के समीप दोपहर लगभग तीन बजे शुरू हुआ यह आयोजन देर रात तक निरंतर चलता रहा। क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण करते रहे। शाम ढलते ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और पूरा इलाका हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामूहिक सेवा और सहभागिता का उत्सव बन गया।
काशी की परंपरा और महाशिवरात्रि का महत्व
काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है और महाशिवरात्रि यहां केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, साधना और सामाजिक सहभागिता का दिन माना जाता है। गंगा तटों पर उमड़ती श्रद्धा, मंदिरों में गूंजते मंत्र और गलियों में दिखती शिवभक्ति का भाव इस दिन शहर के वातावरण को विशेष बनाता है। रामनगर में आयोजित यह आयोजन काशी की उसी परंपरा को आगे बढ़ाता नजर आया। श्रद्धालुओं का मानना है कि शिव आराधना के साथ सेवा कार्य करने से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी भावना के साथ समिति के युवाओं ने पूरे अनुशासन और समर्पण से प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी निभाई।
सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी संतोष द्विवेदी तथा सृजन श्रीवास्तव की उपस्थिति रही। इस अवसर पर संतोष द्विवेदी ने कहा कि गोलाघाट युवा समिति द्वारा हर वर्ष किया जाने वाला यह सेवा कार्य स्थानीय समाज के लिए प्रेरक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता को बल मिलता है और युवाओं में सेवा भावना विकसित होती है। सृजन श्रीवास्तव ने काशी में शिव उपासना की परंपरा पर बात रखते हुए कहा कि बनारस में शिव आराधना केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सेवा और सहयोग के माध्यम से समाज में उतरती है।
आयोजन में युवाओं की सक्रिय भूमिका
आयोजन की व्यवस्थाओं में समिति के सदस्य लक्ष्मण गुप्ता, रवि गुप्ता, संतोष गुप्ता, बाबा यादव, प्रमोद यादव, अमित गुप्ता और दीपक गुप्ता की सक्रिय भागीदारी रही। प्रसाद की व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता तक सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन सामूहिक प्रयास से किया गया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में अनुशासन और सेवा भाव की झलक दिखी। स्थानीय निवासियों का कहना रहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सहयोग और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं।
पृष्ठभूमि और सामाजिक प्रभाव
रामनगर क्षेत्र में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक सेवा का यह सिलसिला बीते वर्षों से चला आ रहा है। गोलाघाट युवा समिति द्वारा समय समय पर धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में आपसी सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि आगे भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखने की योजना है ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले और समाज में एकजुटता बनी रहे।
स्थानीय प्रशासन और व्यवस्था
आयोजन स्थल पर किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय रखा गया। स्वयंसेवकों ने यातायात और भीड़ प्रबंधन में सहयोग किया, जिससे श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण करने में सुविधा हुई। क्षेत्रवासियों ने संयम और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग दिया।
निष्कर्ष
रामनगर में आयोजित यह प्रसाद वितरण कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि समाज में सेवा और समरसता का संदेश देकर गया। युवाओं की सक्रिय भूमिका और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यह दिखाया कि परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी साथ साथ निभाई जा सकती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर हुआ यह आयोजन काशी की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना को मजबूत करने वाला साबित हुआ।
