वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर परंपरागत शिव बारात का आयोजन
वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष भी परंपरागत शिव बारात पूरे भव्यता और श्रद्धा के साथ निकाली गई। रामनगर वाराणसी में देव दीपावली एवं शिव बारात पूजा ट्रस्ट के तत्वावधान में पिछले सत्ताईस वर्षों से निकल रही इस ऐतिहासिक शिव बारात को देखने के लिए रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बलुआ घाट से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई यह शोभायात्रा रामनगर चौराहे पर पहुंची जहां विधिवत महाआरती के साथ आयोजन संपन्न हुआ। पूरे मार्ग पर हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा व आरती के माध्यम से शिव बारात का स्वागत किया।
नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं की सहभागिता
नगर भ्रमण के दौरान जगह जगह श्रद्धालुओं ने स्टॉल लगाकर बारातियों के लिए ठंडाई और फलाहार की व्यवस्था की। धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिपोलिया गेट पर पूर्व सांसद राजू सोनकर द्वारा बर्फ से निर्मित शिवलिंग श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा जहां दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। आयोजन के दौरान अध्यक्ष गणेश प्रसाद विश्वकर्मा पारस नाथ गुप्ता रघुराज सिंह देवेश गुप्ता रणजीत चौहान अवधेश मौर्य विकास रावत अनुराग दुबे अमरेंद्र शर्मा और शशिकांत सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
शंकर नगर कॉलोनी से भी निकली शिव बारात
इसी क्रम में शंकर नगर कॉलोनी टेंगरा मोड़ क्षेत्र से भी एक भव्य शिव बारात निकाली गई जिसने पूरे इलाके को शिवमय वातावरण से भर दिया। शिव लीला की सजीव झांकियां ढोल नगाड़ों की गूंज और भक्ति गीतों के साथ चल रही शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बारात के स्वागत में स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा की और मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीडीए के सदस्य अम्बरीष सिंह उर्फ भोला तथा सत्येंद्र सिंह पिंटू रहे। आयोजन की जिम्मेदारी समाजसेवी मुकेश कसेरा ने निभाई जिनके नेतृत्व में पूरी व्यवस्था अनुशासित और गरिमामय ढंग से संपन्न हुई।
पृष्ठभूमि और परंपरा
रामनगर क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर शिव बारात निकालने की परंपरा वर्षों पुरानी है। देव दीपावली एवं शिव बारात पूजा ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन गया है। हर वर्ष स्थानीय नागरिक स्वेच्छा से आयोजन में सहयोग करते हैं जिससे यह आयोजन सामूहिक प्रयास का उदाहरण बनता जा रहा है। शिव बारात में शामिल झांकियां स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी से तैयार की जाती हैं जिससे परंपरा की निरंतरता बनी रहती है।
व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय
शोभायात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया गया था। आयोजन समिति के सदस्यों ने मार्गों पर स्वयंसेवकों की तैनाती कर श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तय की गई थीं। आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
सामाजिक एकता का संदेश
रामनगर और शंकर नगर कॉलोनी से निकली शिव बारातों ने यह स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव बन चुका है। हर चेहरे पर श्रद्धा की झलक थी हर गली में भक्ति की गूंज और हर मोड़ पर सेवा भाव दिखाई दिया। शिव की इस दिव्य लीला में नगरवासियों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरक परंपरा के रूप में स्थापित किया।
