वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र काशी में आज शनिवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, तकनीकी दक्षता और हवाई कौशल का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के दूसरे दिन गंगा के दोनों तटों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। आसमान में तेज रफ्तार से गुजरते लड़ाकू विमानों की गर्जना और उनके सधे हुए हवाई करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। गंगा के ऊपर विमानों की आकर्षक संरचनाओं को देखने के लिए घाटों और आसपास के इलाकों में लोगों की भीड़ लगी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। जैसे ही लड़ाकू विमानों ने आसमान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, दर्शकों के बीच जोश बढ़ गया और भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ के तहत हुए इस प्रदर्शन ने काशी के आसमान को हवाई गतिविधियों का केंद्र बना दिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11:40 बजे गंगा के एक छोर से विमानों का आगमन शुरू हुआ। इसके बाद अलग-अलग दिशाओं से आते विमानों ने अपनी गति, संतुलन, सटीक तालमेल और संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। गंगा के दोनों किनारों पर मौजूद दर्शक लगातार आसमान की ओर नजरें टिकाए रहे। कार्यक्रम के दौरान कमेंट्री के माध्यम से विमानों की विशेषताओं, उनकी भूमिका और भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई, जिससे दर्शकों को हवाई प्रदर्शन को समझने का अवसर मिला।
सुखोई-30, राफेल और मिराज-2000 ने खींचा दर्शकों का ध्यान
एयर शो का प्रमुख आकर्षण भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान रहे। सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिराज-2000, मिग-29, एलसीए और जगुआर जैसे विमानों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। तेज गति से उड़ान भरते विमानों और निर्धारित फॉर्मेशन में किए गए करतबों ने दर्शकों को रोमांचित किया। आसमान में विमानों की आवाजाही के दौरान घाटों पर मौजूद लोग अपने मोबाइल फोन से इन दृश्यों को रिकॉर्ड करते नजर आए। हर रोमांचक प्रस्तुति के बाद तालियों और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठता रहा। गंगा के ऊपर आयोजित इस हवाई प्रदर्शन ने स्थानीय नागरिकों के साथ वाराणसी पहुंचे पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित किया।
लड़ाकू विमानों के साथ हार्वर्ड विमान, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम की प्रस्तुतियां भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं। सूर्यकिरण टीम के विमानों के सामूहिक प्रदर्शन और सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों के सटीक तालमेल ने दर्शकों को खास अनुभव दिया। इन करतबों के दौरान पायलटों के प्रशिक्षण, कौशल और आपसी समन्वय की झलक देखने को मिली। गंगा के दोनों तटों पर मौजूद लोग इन प्रस्तुतियों को उत्सुकता से देखते रहे। धार्मिक नगरी काशी में सैन्य विमानों की गर्जना और दर्शकों के जयकारों ने आयोजन को यादगार माहौल दिया।
लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टर और परिवहन विमानों ने भी दिखाई क्षमता
इस हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का दायरा केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं रहा। हेलीकॉप्टरों, परिवहन विमानों और सहायक विमानों की भागीदारी के माध्यम से सैन्य अभियानों में उनकी विभिन्न भूमिकाओं की भी झलक देखने को मिली। आयोजन से संबंधित विवरण के अनुसार, हेलीकॉप्टर बेड़े में एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर शामिल रहे। इनके साथ सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई जैसे परिवहन एवं सहायक विमानों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। अलग-अलग श्रेणियों के विमानों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया और दर्शकों को सैन्य विमानन की विविध क्षमताओं को देखने का अवसर मिला।
जहां लड़ाकू विमानों ने गति और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया, वहीं परिवहन तथा सहायक विमानों ने सैन्य अभियानों में उनकी भूमिका की ओर ध्यान आकर्षित किया। आयोजन में भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टरों और भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर ने भी हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बल की भागीदारी भी कार्यक्रम का हिस्सा रही। विभिन्न सैन्य इकाइयों और विमानों की भागीदारी ने दर्शकों के सामने संयुक्त सैन्य क्षमताओं की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत की।
100 विमानों की भागीदारी, देश के 12 वायु अड्डों से भरी उड़ान
आयोजन से संबंधित विवरण के मुताबिक, एयर शो में कुल 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल रहा। इन विमानों ने देश के 12 वायु अड्डों से उड़ान भरी। इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न प्रकार के विमानों की भागीदारी ने भारतीय वायुसेना के संसाधनों, तकनीकी दक्षता और समन्वित संचालन की झलक पेश की। गंगा के ऊपर अलग-अलग श्रेणियों के विमानों को एक ही आयोजन में देखने का अवसर मिलने से दर्शकों की उत्सुकता बनी रही।
काशी में आयोजित इस कार्यक्रम का आकर्षण केवल लड़ाकू विमानों की तेज उड़ान और हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहा। हेलीकॉप्टरों, परिवहन विमानों और सहायक विमानों की मौजूदगी ने सैन्य विमानन के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। पायलटों का समन्वय, निर्धारित फॉर्मेशन में प्रदर्शन और विमानों की अलग-अलग भूमिकाओं को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा होती रही। गंगा के दोनों तटों से एक साथ इस नजारे को देखने के लिए जुटी भीड़ ने आयोजन के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया।
नमो घाट पर छात्राओं की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बढ़ाया आकर्षण
एयर शो के दौरान नमो घाट पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी आयोजन में उत्साह का रंग भरा। देशभक्ति गीतों पर वसंत महिला महाविद्यालय और अन्य विद्यालयों की छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से हवाई प्रदर्शन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आयोजन का हिस्सा बनाया गया। छात्राओं के लिए यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन को देखने और देशभक्ति से जुड़े आयोजन में भागीदारी का अवसर बना। नमो घाट पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गंगा के ऊपर चल रहे हवाई प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
घाटों पर मौजूद लोगों के लिए यह आयोजन सैन्य कौशल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम रहा। एक ओर आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियां लोगों को रोमांचित कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर नमो घाट पर देशभक्ति गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रही थीं। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने पूरे उत्साह के साथ आयोजन को देखा। विमानों की गर्जना के बीच गूंजते देशभक्ति के नारों ने पूरे क्षेत्र में उत्साहपूर्ण माहौल बनाए रखा।
25 अक्टूबर को प्रस्तावित है एयर शो का अंतिम प्रदर्शन
‘विंग्स ओवर गंगा’ का पहला प्रदर्शन 22 अक्टूबर को आयोजित किया गया था, जबकि शनिवार 24 अक्टूबर को दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। अब इस आयोजन का तीसरा और अंतिम प्रदर्शन रविवार 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के दौरे और वीवीआईपी आवागमन को देखते हुए शहर में यातायात संबंधी प्रतिबंध तथा डायवर्जन भी लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में एयर शो देखने जाने वाले लोगों को निर्धारित यातायात निर्देशों और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
वाराणसी में गंगा के ऊपर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान वाली काशी को भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमताओं के प्रदर्शन का मंच बनाया। लड़ाकू विमानों की गर्जना, सूर्यकिरण टीम के करतब, सारंग हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन और गंगा के दोनों तटों पर उमड़ी भीड़ शनिवार के आयोजन के प्रमुख दृश्य रहे। देशभक्ति के नारों और दर्शकों के उत्साह के बीच दूसरे दिन का प्रदर्शन संपन्न हुआ। अब लोगों की निगाहें 25 अक्टूबर को प्रस्तावित अंतिम प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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