दालमंडी जाने से सपा नेताओं को रोका, समद अंसारी हाउस अरेस्ट, 21 फरवरी को प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी में दालमंडी क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों को सुबह से ही पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। सपा नेता समद अंसारी को दालमंडी जाने से रोकते हुए प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। वहीं जिला अध्यक्ष सुजीत यादव को अर्दली बाजार स्थित पार्टी कार्यालय में पुलिस निगरानी में रखा गया।
पीड़ितों से मिलने जा रहे थे नेता
समाजवादी पार्टी की ओर से दालमंडी क्षेत्र में कथित पीड़ितों, भवन स्वामियों, दुकानदारों और व्यापारियों से मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। समद अंसारी इसी सिलसिले में दालमंडी जा रहे थे, तभी प्रशासन ने उन्हें रास्ते में रोककर घर पर ही नजरबंद कर दिया।
दोपहर में सपा की पूर्व विधायक प्रत्याशी पूजा यादव भी दालमंडी में एक पीड़ित परिवार से मिलने जा रही थीं। चौक पुलिस ने उन्हें दालमंडी मोड़ पर रोक लिया और थाने ले आई। प्रशासन ने क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए दालमंडी में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
सुबह से ही सपा कार्यकर्ता नजरबंद
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने सुबह सात बजे से ही कई सपा कार्यकर्ताओं को उनके घरों से बाहर निकलने से रोक दिया। कई नेताओं के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिला अध्यक्ष सुजीत यादव को अर्दली बाजार स्थित सपा कार्यालय में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया।
21 फरवरी को प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा दालमंडी
इस घटनाक्रम के बीच सपा ने घोषणा की है कि नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद उत्तर प्रदेश लालबिहारी यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 21 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे वाराणसी के सर्किट हाउस से दालमंडी जाएगा। प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों और व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपा जाएगा।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
समद अंसारी ने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी हमेशा पीड़ितों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी समस्याओं को उठाती रहेगी।
सपा कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि उन्हें दालमंडी जाकर व्यापारियों और दुकानदारों की समस्याएं जानने का अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
जिले में बढ़ा राजनीतिक तापमान
इस पूरे घटनाक्रम ने वाराणसी में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सपा नेता और कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। पार्टी का कहना है कि दालमंडी का मामला केवल स्थानीय व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक राजनीतिक और सामाजिक सवाल बन चुका है।
फिलहाल दालमंडी क्षेत्र में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
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