स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-5 लक्ष्य की ओर वाराणसी नगर निगम का नया कदम, 100 वार्डों में बांटे जाएंगे चार रंगों के डस्टबिन
वाराणसी: देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहरों में शुमार वाराणसी को स्वच्छता के मामले में शीर्ष स्थान दिलाने की दिशा में नगर निगम लगातार नई पहल कर रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को टॉप-5 में लाने के उद्देश्य से अब नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम ने शहर के सभी 100 वार्डों में चयनित भवन स्वामियों को चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि घर से ही कचरे का पृथक्कीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
नगर निगम की इस योजना के तहत पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के लगभग 30 प्रतिशत भवन स्वामियों को चार प्रकार के डस्टबिन दिए जाएंगे। इन डस्टबिनों के माध्यम से नागरिकों को यह समझाया जाएगा कि किस प्रकार का कचरा किस डस्टबिन में डालना है। इसका उद्देश्य यह है कि कचरा घर से ही अलग-अलग श्रेणियों में एकत्रित हो और उसके निस्तारण की प्रक्रिया भी उसी अनुसार आसानी से की जा सके। नगर निगम का मानना है कि यदि कचरे का सही ढंग से पृथक्कीकरण स्रोत पर ही शुरू हो जाए तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था को काफी मजबूती मिल सकती है।
अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश
इस संबंध में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने नगर निगम के संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है।
घर-घर लगाए जाएंगे जागरूकता स्टिकर
नगर निगम की योजना के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ यानी घर से ही कचरे के पृथक्कीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से घरों के बाहर जागरूकता से जुड़े स्टिकर भी लगाए जा रहे हैं। इन स्टिकरों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि गीला, सूखा और अन्य हानिकारक कचरे को अलग-अलग रखना क्यों आवश्यक है। नगर निगम का लक्ष्य है कि शहर में शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्कीकरण सुनिश्चित किया जाए।
मॉडल के रूप में चुने जाएंगे भवन स्वामी
अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक वार्ड में चार रंगों के कूड़ेदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के पहले चरण में ऐसे भवन स्वामियों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पहले से ही कूड़ा पृथक्कीकरण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तैयार हैं। इन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जा रहे हैं, ताकि उनके प्रयासों से अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस अभियान में भागीदारी करें।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्था
नगर निगम ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि डस्टबिन वितरण और जागरूकता स्टिकर लगाने की फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट भेजी जाए। इसके लिए वाट्स-एप ग्रुप और निर्धारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को वार्डों में जाकर सीधे नागरिकों से संवाद करने और उन्हें गीला, सूखा तथा हानिकारक कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
नगर निगम को उम्मीद है कि इस पहल से शहर में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित होगी तथा स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी की रैंकिंग सुधारने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि यदि नगर निगम की योजनाओं के साथ-साथ नागरिक भी सक्रिय भागीदारी निभाएं, तो वाराणसी को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकता है।
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