वाराणसी में कैंट थाने का उर्दू अनुवादक बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
वाराणसी: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक क्लर्क अब्दुल रहमान अंसारी को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर गुंडा एक्ट रजिस्टर में दर्ज एक व्यक्ति का नाम हटाने और उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को लालपुर पांडेयपुर थाने लाया गया जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
गुंडा एक्ट की कार्रवाई रोकने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
मामले के अनुसार कैंट थाना क्षेत्र के सदर बाजार निवासी शाह मोहम्मद शारिक पुत्र स्वर्गीय सिराजुद्दीन ने एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई रोकने और रिपोर्ट उसके पक्ष में लगाने के लिए बीस हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके विरुद्ध जमीन और विवाद से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं तथा इसी आधार पर उसे गुंडा एक्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर रिश्वत मांगी गई।
जाल बिछाकर एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। आरोपी ने शिकायतकर्ता को शुक्रवार शाम कैंट थाना क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में बुलाया। दोनों मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में बैठे और बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता ने लिफाफे में रखे बीस हजार रुपये आरोपी को सौंप दिए। जैसे ही आरोपी ने रुपये लेकर वहां से निकलने का प्रयास किया पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। बताया गया कि आरोपी ने टीम को देखकर भागने की भी कोशिश की लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया।
रिश्वत की रकम बरामद हाथ धुलाने पर निकला रंग
कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत में दिए गए नोट बरामद किए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाथ धुलवाने पर रासायनिक परीक्षण में रंग निकल आया जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि होने की बात अधिकारियों ने बताई। इसके बाद आरोपी को लालपुर पांडेयपुर थाने लाया गया जहां इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता ने लगाए पुराने उत्पीड़न के आरोप
शिकायतकर्ता शाह मोहम्मद शारिक का आरोप है कि आरोपी क्लर्क ने केवल इस मामले में ही नहीं बल्कि पूर्व में दर्ज मुकदमों का भय दिखाकर वर्षों से अवैध वसूली की। शिकायतकर्ता के अनुसार व्यापारिक रंजिश के कारण उसके विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और वह स्वयं को अपराधी नहीं बल्कि केवल आरोपी बताता है। उसका कहना है कि क्लर्क ने कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये की मांग की जिसके बाद उसने एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचकर पूरी जानकारी अधिकारियों को दी और शिकायत दर्ज कराई।
रिटायरमेंट से तेरह दिन पहले हुई गिरफ्तारी
इस कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि आरोपी अब्दुल रहमान अंसारी इकतीस जुलाई दो हजार छब्बीस को सेवानिवृत्त होने वाला था। उसकी गिरफ्तारी रिटायरमेंट से मात्र तेरह दिन पहले हुई है जिससे पुलिस विभाग में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी मूल रूप से जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र के हाशमीनगर का निवासी है। बताया गया कि वह पहले सेना में कार्यरत था और ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वर्ष उन्नीस सौ पंचानवे में उत्तर प्रदेश पुलिस में उर्दू अनुवादक के पद पर भर्ती हुआ था। तब से वह कैंट थाने में ही तैनात था।
आगे की जांच जारी
एंटी करप्शन टीम अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पूर्व में भी इसी प्रकार किसी अन्य व्यक्ति से अवैध धन की मांग या वसूली की थी अथवा नहीं। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
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