लखनऊ से बड़ी घोषणा यूपी पुलिस में एक लाख भर्तियों का रास्ता साफ पारदर्शिता और क्षमता पर जोर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में यूपी पुलिस में एक लाख नई भर्तियां की जाएंगी। इस भर्ती प्रक्रिया में होमगार्ड सिपाही और दरोगा जैसे विभिन्न पद शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में चयनित 936 रेडियो ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और उनके साथ संवाद कर उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई है जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों की कुल पुलिस बल संख्या भी इतनी नहीं है जितनी नियुक्तियां उत्तर प्रदेश में की जा चुकी हैं। इसके साथ ही पांच सौ से अधिक कुशल खिलाड़ियों को भी पुलिस बल में शामिल कर उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी गई है जिससे विभाग की क्षमता में वृद्धि हुई है।
प्रशिक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में आए बदलावों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में एक बार में केवल तीन हजार पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण देने की क्षमता थी लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्ष 2025 में साठ हजार से अधिक सिपाहियों की भर्ती के बाद सभी को एक साथ प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया गया जो प्रशासनिक क्षमता और बेहतर योजना का उदाहरण है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब युवाओं को नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या आर्थिक लेनदेन की आवश्यकता नहीं है। हाल ही में संपन्न साठ हजार सिपाहियों की पासिंग आउट परेड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ जवानों का पुलिस बल में शामिल होना देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस व्यवस्था का हिस्सा बनने जैसा है। उन्होंने कहा कि पच्चीस करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर मिलना अपने आप में गर्व की बात है।
आधुनिक ढांचे का तेजी से विकास
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि कई जिलों में पुलिस लाइन तक नहीं थीं और थानों के पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। वर्तमान में प्रदेश में आधुनिक मॉडल थाने हाईराइज बैरक नए फायर स्टेशन स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल जैसे ढांचे विकसित किए जा चुके हैं। साथ ही तीन नई महिला पुलिस बटालियनों का गठन भी किया गया है जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाया गया है।
कानून व्यवस्था और विकास का संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था किसी भी राज्य के विकास की पहली शर्त होती है। उन्होंने प्रदेश को गुंडा मुक्त दंगा मुक्त और माफिया मुक्त बनाने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण ही प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और बड़े उद्योगपति यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने की सलाह दी और इसे उनकी कार्यक्षमता का आधार बताया।
ईमानदारी और निष्ठा पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायतें आम थीं लेकिन अब पूरी प्रक्रिया योग्यता और आरक्षण के नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी हो रही है। उन्होंने नवचयनित कर्मियों से अपेक्षा की कि वे भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें।
वित्त मंत्री का संदेश
कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ने भी अपने विचार व्यक्त किए और एक प्रेरक संदेश के माध्यम से जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज में विश्वास और सम्मान अर्जित करने का माध्यम है। उन्होंने नव नियुक्त कर्मियों को अनुशासन और ईमानदारी के साथ कार्य करने की सलाह दी और कहा कि सच्ची पहचान व्यक्ति के चरित्र से बनती है।
इस आयोजन ने जहां एक ओर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का संकेत दिया वहीं दूसरी ओर पुलिस व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट किया।
LATEST NEWS