वाराणसी रामनगर बालिका गृह में किशोरी की मौत सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
संदिग्ध परिस्थितियों में मिली किशोरी की लाश जांच के घेरे में पूरा घटनाक्रम
वाराणसी: रामनगर स्थित राजकीय बाल गृह बालिका में आज बुधवार को हुई एक किशोरी की संदिग्ध मौत ने पूरे प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किशोरी ने बाथरूम में लगे शॉवर से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि यह मामला केवल एक आत्महत्या तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसके पीछे की परिस्थितियां और संभावित कारण अब जांच का विषय बन गए हैं।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब करीब आधे घंटे बाद एक अन्य बालिका बाथरूम में पहुंची। अंदर का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गई और तुरंत बाल गृह के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। आनन फानन में कर्मचारियों ने किशोरी को नीचे उतारा और तत्काल रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है कि आखिर इतनी सख्त निगरानी वाले परिसर में इस तरह की घटना कैसे घटित हो गई। क्या वहां पर्याप्त निगरानी और सतर्कता थी या कहीं न कहीं लापरवाही बरती गई इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। प्रशासन का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा हुआ है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र ने बताया कि घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और जिलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि भी जांच का हिस्सा
मृतक किशोरी जौनपुर जनपद की निवासी बताई जा रही है जिसे एक पाक्सो मामले में सितंबर 2024 से बाल गृह में रखा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार उसने एक युवक से प्रेम विवाह किया था लेकिन उसके परिजन इस संबंध के खिलाफ थे। किशोरी अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी जिससे पारिवारिक विवाद गहरा गया।
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में लंबे समय तक पंचायत भी चली लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अंततः परिजनों ने उसे अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया जिसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे बाल गृह में रखा गया था। बताया जाता है कि किशोरी को नृत्य और गायन का बेहद शौक था और वह कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पुरस्कार भी जीत चुकी थी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोग न केवल इस दुखद घटना से आहत हैं बल्कि बाल गृहों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं जो इस मामले के वास्तविक कारणों को उजागर करेगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सच्चाई सामने लाकर दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
LATEST NEWS