वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, 22 जर्जर भवनों पर आज चलेगा पीबीडब्ल्यूडी का हथौड़ा; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी और ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाने वाली दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा क्षेत्र में लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है ताकि विकास कार्यों के लिए मार्ग प्रशस्त किया जा सके। इसी क्रम में, आज यानी गुरुवार को दालमंडी इलाके के 22 चिन्हित मकानों पर ध्वस्तीकरण का हथौड़ा चलेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये सभी भवन नगर निगम की जांच में ‘जर्जर’ पाए गए थे और इन्हें करीब 15 दिन पूर्व ही खाली करने का नोटिस थमा दिया गया था।
परियोजना की संवेदनशीलता और पूर्व के विरोधों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दालमंडी की संकरी गलियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा तैयार किया गया है। जानकारी के अनुसार, विभिन्न थानों की पुलिस के साथ साथ रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF) और प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) के कुल 500 जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के अवरोध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्य को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है।
तेजी से चल रहा है ध्वस्तीकरण का कार्य
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (XEN) के.के. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप दालमंडी को नया स्वरूप देने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 60 मकानों को पूरी तरह जमींदोज किया जा चुका है, जबकि 45 अन्य मकानों में आंशिक या पूर्ण ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन संपत्तियों में दो वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि मई के अंतिम सप्ताह तक सभी आवश्यक मकानों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि जून के अंत तक फेंसिंग कर इसे कार्यदायी संस्था को सुपुर्द किया जा सके।
मुआवजा और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी जारी
चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले कुल 181 मकानों में से लगभग 60 प्रतिशत पर प्रशासन अब तक कार्रवाई शुरू कर चुका है। के.के. सिंह ने बताया कि स्थानीय निवासियों का सहयोग भी मिल रहा है और लोग स्वेच्छा से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करवा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि विस्थापन और निर्माण के बीच एक समन्वय बना रहे ताकि विकास का लाभ जल्द से जल्द काशीवासियों को मिल सके।
इन मकानों पर आज होगी कार्रवाई
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, आज जिन भवनों पर बुलडोजर या हथौड़ा चलेगा, उनमें मकान संख्या CK 39/70, CK 39/16-17, CK 43/114, CK 43/115, CK 43/120, CK 43/121, CK 43/122, CK 43/154, CK 43/160B, CK 42/9, CK 67/29, CK 67/28, CK 67/26, CK 67/23, CK 67/20, और CK 67/8 प्रमुख हैं। इन सभी स्वामियों को नगर निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से खतरा मानते हुए पहले ही आगाह कर दिया था।
क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट
वाराणसी का दालमंडी इलाका अपने घने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और संकरी गलियों के लिए जाना जाता है। चौड़ीकरण की इस परियोजना का उद्देश्य न केवल यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से भी इस क्षेत्र का कायाकल्प करना है। जून के अंतिम सप्ताह में कार्यदायी संस्था को भूमि हस्तांतरित होने के बाद यहां बुनियादी ढांचे के विकास का वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
फिलहाल, भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी के बीच दालमंडी में गहमागहमी का माहौल है, और पीडब्ल्यूडी की टीमें अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में जुटी हैं।
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