वाराणसी में सफाईकर्मियों का उग्र प्रदर्शन बीएचयू मालवीय प्रतिमा चौराहे पर सड़क पर बिखरा कूड़ा वेतन कटौती के आरोप से भड़का आक्रोश
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बुधवार को नगर निगम की सफाई व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब बीएचयू स्थित मालवीय प्रतिमा चौराहे के पास नगर निगम के सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से वेतन सुविधाओं और कार्य परिस्थितियों को लेकर नाराज चल रहे सफाईकर्मियों का गुस्सा सड़क पर खुलकर दिखाई दिया। विरोध जताने के लिए कर्मचारियों ने सड़क पर कूड़ा बिखेर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अचानक हुए इस प्रदर्शन से पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया और लंका क्षेत्र के कई हिस्सों में गंदगी फैल गई।
प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना था कि वे रोज सुबह से लेकर देर शाम तक शहर को स्वच्छ रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जा रहा है जबकि सफाईकर्मियों के वेतन में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई परिवार की जिम्मेदारियों और रोजमर्रा के खर्चों के बीच वर्तमान वेतन में गुजारा कर पाना बेहद कठिन हो गया है।
सफाई व्यवस्था संभालने वालों में उपेक्षा का आरोप
सफाईकर्मियों का आक्रोश इस बात को लेकर भी दिखाई दिया कि शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने कहा कि बारिश कड़ाके की ठंड और भीषण गर्मी जैसे हर मौसम में वे शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं और उचित वेतन से वंचित रखा जा रहा है। उनका कहना था कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर टिकी है लेकिन प्रशासन उनके योगदान को गंभीरता से नहीं ले रहा।
प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का भी किया जिक्र
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि देशभर में कई मौकों पर प्रधानमंत्री सफाईकर्मियों का सम्मान कर चुके हैं और स्वच्छता अभियान को राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दिया गया है लेकिन विडंबना यह है कि उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सफाईकर्मियों की समस्याएं अनसुनी पड़ी हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
यातायात और आमजन पर पड़ा असर
सड़क पर कूड़ा फैलने से बीएचयू और लंका क्षेत्र में आने जाने वाले छात्रों मरीजों स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और लोगों को दुर्गंध तथा गंदगी के बीच गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया और वेतन वृद्धि सहित अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। सफाईकर्मियों ने साफ कहा कि मजबूर होकर वे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप करने का निर्णय लेने पर भी विवश हो सकते हैं।
फिलहाल प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन कर्मचारियों के तेवर लगातार तीखे बने रहे। वाराणसी जैसे धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाता है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या समाधान निकालता है।
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