वाराणसी में बिजली विभाग का जेई 22 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप
वाराणसी: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन संगठन ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में पूरे दिन खलबली का माहौल बना रहा। विभागीय कार्यालयों में इस घटना की चर्चा होती रही और कर्मचारियों के बीच भी मामले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। गिरफ्तार अभियंता की पहचान सुखदेव रस्तोगी के रूप में हुई है जो पांडेयपुर विद्युत उपकेंद्र में अवर अभियंता के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं।
उपभोक्ता की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन संगठन को बताया था कि बिजली कनेक्शन से संबंधित कार्य कराने के लिए संबंधित अधिकारी द्वारा धनराशि की मांग की जा रही है। आरोप था कि निर्धारित कार्य को पूरा करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी और बिना भुगतान के काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच कराई। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
जांच पूरी होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि के साथ आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया। बताया जाता है कि जैसे ही अभियंता ने शिकायतकर्ता से 22 हजार रुपये की रिश्वत ली उसी समय पहले से निगरानी कर रही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए और कुछ ही देर में घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
कैंट थाने ले जाकर की गई पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन संगठन की टीम आरोपी अभियंता को अपने साथ लेकर कैंट थाने पहुंची जहां आगे की पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों के अनुसार शिकायत के सत्यापन के बाद पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कनेक्शन मीटर परिवर्तन लोड वृद्धि और अन्य विभागीय कार्यों को लेकर समय समय पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई को आम जनता ने महत्वपूर्ण माना है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर इसी तरह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होती रही तो सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
जांच के दायरे में आ सकते हैं अन्य पहलू
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच केवल रिश्वत लेने की घटना तक सीमित नहीं रह सकती है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर सकती हैं कि कहीं इस प्रकार की अवैध वसूली किसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा तो नहीं थी। हालांकि इस संबंध में अभी किसी अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
एंटी करप्शन संगठन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी शिकायतें सत्य पाई जाएंगी वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि आम नागरिकों को बिना किसी अवैध मांग के सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जनता में कार्रवाई को लेकर सकारात्मक संदेश
वाराणसी में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों में सतर्कता का माहौल देखा गया। वहीं आम नागरिकों का मानना है कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रही तो सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
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