सदर तहसील में रिश्वतखोरी पर एंटी करप्शन का शिकंजा, पांच हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ राजस्व निरीक्षक
बलिया: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को सदर तहसील में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक रामप्रताप राम को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। भूमि की पैमाइश कराने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई ने पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बना दिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और फरियादियों के बीच हलचल तेज हो गई तथा लोग पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने में जुट गए।
किसान की शिकायत पर शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार एक किसान ने एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी कि उसकी भूमि की पैमाइश कराने के लिए राजस्व निरीक्षक द्वारा पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। किसान का आरोप था कि बिना धनराशि दिए उसका कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना तैयार की गई।
पहले से जाल बिछाकर बैठी थी टीम
सूत्रों के अनुसार एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और पूरी रणनीति तैयार की। निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए गए। कार्रवाई वाले दिन टीम के सदस्य अलग अलग स्थानों पर मौजूद रहकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी राजस्व निरीक्षक को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
रिश्वत की रकम बरामद, शुरू हुई कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के दौरान एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत के रूप में ली गई पांच हजार रुपये की रकम बरामद कर ली। अधिकारियों ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र करते हुए पूरी कार्रवाई को विधिक प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी की गईं और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सदर तहसील जिले का एक महत्वपूर्ण राजस्व कार्यालय माना जाता है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग भूमि पैमाइश, नामांतरण, दाखिल खारिज तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एक राजस्व अधिकारी की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद तहसील आने वाले कई लोगों ने कहा कि सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है ताकि आम नागरिकों को अपने वैध कार्यों के लिए किसी प्रकार की अवैध मांग का सामना न करना पड़े।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने या लेने वाले किसी भी कर्मचारी अथवा अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले अवैध धनराशि की मांग करता है तो उसकी शिकायत संबंधित एजेंसी से करें। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक रामप्रताप राम के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पृष्ठभूमि
प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए एंटी करप्शन इकाइयों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर समय समय पर ट्रैप कार्रवाई की जाती रही है। सदर तहसील बलिया में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न केवल दोषियों पर अंकुश लगता है बल्कि आम जनता का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है।
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