लखनऊ के अलीगंज में गेमिंग जोन और कोचिंग भवन में भीषण आग, चार लोगों की मौत की आशंका, जान बचाने के लिए छत से कूदे छात्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार दोपहर एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई। भवन में संचालित गेमिंग जोन और कोचिंग संस्थान आग की चपेट में आ गए, जिसके बाद वहां मौजूद छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में भवन के कई हिस्से घने धुएं से भर गए और ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालात से घबराए कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए छत और खिड़कियों का सहारा लिया, जबकि कुछ को ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदना पड़ा।
कुछ ही मिनटों में धुएं से भर गया पूरा भवन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत भवन की निचली मंजिल से हुई और देखते ही देखते लपटों तथा धुएं ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद भवन के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई छात्र और कर्मचारी धुएं के कारण अंदर ही फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत कार्य शुरू किया और भवन के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और साहस के कारण कई लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सका।
दमकल विभाग और राहत टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस बल और आपदा राहत से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने ऊंची सीढ़ियों और विशेष उपकरणों की मदद से भवन के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अनेक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। जिन लोगों को चोटें आई थीं उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों ने भवन के प्रत्येक हिस्से की तलाशी लेकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोई व्यक्ति अंदर न रह गया हो।
भयावह स्थिति में छात्रों ने लगाई जान की बाजी
घटना के दौरान सामने आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस हादसे की भयावहता को दर्शाते हैं। कई छात्र धुएं और आग की लपटों से बचने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदते दिखाई दिए। कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि आग और धुएं के कारण भवन के भीतर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल था और हर कोई सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
चार लोगों की मौत की आशंका, पहचान और पुष्टि की प्रक्रिया जारी
ताजा जानकारी के अनुसार इस हादसे में चार लोगों के झुलसकर मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। मृतकों की पहचान और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। वहीं कई घायल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। प्रशासन ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इलाके को खाली कराया गया, यातायात भी प्रभावित
आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया। आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों को एहतियातन खाली कराया गया ताकि आग अन्य भवनों तक न फैल सके। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए, जिससे क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने और राहत कार्य में बाधा न आने देने के लिए विशेष व्यवस्था की।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य तकनीकी कारणों को संभावित वजह माना जा रहा है। अग्निशमन विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत और जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने, घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों और मनोरंजन केंद्रों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से समीक्षा की जाए।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक भवनों और भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, आपातकालीन निकास व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। अंतिम समाचार लिखे जाने तक दमकल विभाग की टीमें आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और भवन की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच में जुटी हुई थीं।
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