चंदौली में साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा
चंदौली: साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल कराने वाले गिरोह के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। अलीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के नवादा निवासी नीतीश कुमार उम्र 30 वर्ष और चंदौली के सकलडीहा कोट निवासी अमन शर्मा उम्र 27 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह का एक आरोपी सोनू सिंह निवासी बिहार फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
16 राज्यों में 76 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े म्यूल खाते
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले बैंक दस्तावेजों और एनसीआरपी पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के मिलान में 17 म्यूल खातों का पता चला है। इन खातों के माध्यम से 16 राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी 76 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 29 लाख रुपये की साइबर ठगी की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन खातों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।
डीआरएम कार्यालय के पास से दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि दोनों आरोपियों को सोमवार की रात वीआईपी गेट पीडीडीयू नगर में डीआरएम कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन स्मार्ट मोबाइल फोन, आठ बैंक खातों का विवरण, पांच पासबुक, एक चेकबुक, छह डेबिट कार्ड, छह सिम कार्ड, दो कूटरचित आधार कार्ड और 650 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद दस्तावेजों की जांच में नीतीश कुमार से जुड़े खातों के माध्यम से 3 लाख 97 हजार 477 रुपये और अमन शर्मा से जुड़े दस्तावेजों के माध्यम से 3 लाख 23 हजार 248 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है।
लोगों से बैंक खाते खुलवाकर जुटाते थे दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके की जानकारी सामने आई है। अमन शर्मा क्षेत्र में घूमकर लोगों को बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार करता था। वह खुद के नाम से भी बैंक खाते खुलवाता था और उनकी पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड तथा सिम कार्ड अपने पास रख लेता था। इसके बाद नीतीश कुमार इन बैंकिंग दस्तावेजों और खातों को बिहार के नवादा निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार इन्हीं बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को मंगाने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
चंदौली में किराये पर लिए गए सौ से अधिक बैंक खातों की जांच
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने जिले में सौ से अधिक बैंक खाते किराये पर लिए जाने की बात बताई है। पुलिस इन खातों की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि खातों के लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
लोन और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लोगों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार गिरोह साइबर ठगी के लिए अलग अलग तरीकों का इस्तेमाल करता था। फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोन दिलाने, ऑनलाइन डिलीवरी पार्सल के भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट टाइम जॉब और निवेश का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया जाता था। ठगी की रकम आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में मंगाई जाती थी। जांच में तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से इन खातों का संबंध सामने आया है।
फर्जी आधार कार्ड से छिपाते थे पहचान
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं। नीतीश कुमार के पास मिले आधार कार्ड पर उसकी फोटो लगी थी लेकिन नाम और पता किसी दूसरे व्यक्ति का दर्ज था। इसी तरह अमन शर्मा के पास मिले आधार कार्ड पर भी उसकी फोटो थी लेकिन नाम और पता किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज था। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाने और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए करते थे।
साइबर ठगी के नेटवर्क की आगे भी होगी जांच
चंदौली पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जिले में बैंक खातों के इस्तेमाल और उन्हें किराये पर देने वाले लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सौ से अधिक बताए जा रहे बैंक खातों का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था और इन खातों से साइबर ठगी की रकम कहां से आई तथा कहां भेजी गई। फरार आरोपी सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीम तलाश में जुटी है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
LATEST NEWS