नाग पंचमी पर द्वारिका पहलवान अखाड़े में गूंजी कुश्ती की हुंकार
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने पहलवानों का हाथ मिलाकर किया प्रतियोगिता का शुभारंभ
रामनगर
(वाराणसी): नाग पंचमी के पावन अवसर पर सोमवार 17 अगस्त 2026 को रामनगर बलुआघाट स्थित हनुमान मंदिर परिसर में स्थित द्वारिका पहलवान अखाड़े में पारंपरिक कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। अखाड़े में आयोजित इस दंगल में अलग अलग मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला और दमखम का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग खेलप्रेमी और कुश्ती के प्रशंसक अखाड़े में पहुंचे। मुकाबलों के दौरान पहलवानों के उत्साहवर्धन के लिए दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि और वाराणसी कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने पहलवानों का हाथ मिलाकर कराया। उन्होंने अखाड़े में पहुंचकर पहलवानों से परिचय प्राप्त किया और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश में खेलों के विकास को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और आवश्यक प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत प्रतिभा और निरंतर अभ्यास के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
द्वारिका पहलवान अखाड़े की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि द्वारिका पहलवान अखाड़े की अपनी समृद्ध परंपरा रही है और इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यहां अभ्यास करने वाले पहलवान आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। उन्होंने अखाड़े के विकास के लिए अपनी ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक ने अपनी ओर से पहलवानों के लिए 5100 रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की। उनके इस सहयोग से आयोजन में मौजूद पहलवानों और आयोजकों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष द्विवेदी ने कहा कि नाग पंचमी के अवसर पर प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला यह कुश्ती दंगल क्षेत्र की पारंपरिक खेल संस्कृति और अखाड़ा परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल सभी पहलवान प्रतिभावान हैं और निरंतर अभ्यास मेहनत तथा अनुशासन के माध्यम से निश्चित रूप से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को मिलने वाले सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि समिति की ओर से पहलवानों को लगातार सहयोग मिलता रहा है और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहेगा।
पहलवानों ने दिखाया दमखम दर्शकों ने बढ़ाया उत्साह
द्वारिका पहलवान अखाड़े में आयोजित दंगल के दौरान विभिन्न मुकाबलों में पहलवानों ने अपनी तकनीक शक्ति और कुश्ती के कौशल का प्रदर्शन किया। अखाड़े में जैसे ही पहलवान मुकाबले के लिए उतरे दर्शकों में उत्साह बढ़ गया। स्थानीय लोगों और खेलप्रेमियों ने पूरे आयोजन के दौरान मुकाबलों का आनंद लिया। नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इस पारंपरिक प्रतियोगिता ने क्षेत्र में अखाड़ा संस्कृति और कुश्ती के प्रति लोगों की रुचि को भी सामने रखा। आयोजन में मौजूद लोगों के बीच पारंपरिक कुश्ती को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
अतिथियों का हुआ स्वागत
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत द्वारिका पहलवान अखाड़े के अधिष्ठाता द्वारिका पहलवान ने माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर किया। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन अयोध्या प्रसाद निषाद ने किया। सभी कुश्ती मुकाबलों में रेफरी की भूमिका राधेश्याम निषाद ने निभाई। आयोजन से जुड़े लोगों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों और उपस्थित खेलप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
कुश्ती दंगल कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक सौरभ श्रीवास्तव संतोष द्विवेदी सृजन श्रीवास्तव संजय सिंह निषाद उदयनाथ मुन्ना निषाद रोहित साहनी मुरारी निषाद जय सिंह चौहान राहुल साहनी अनुराग पहलवान भोला पहलवान कुलदीप सेठ रिषभ सिन्हा चंदन पहलवान विकास पहलवान दीपक पहलवान और आकाश पहलवान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक पहलवान और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति को मिल रहा मंच
रामनगर के बलुआघाट स्थित द्वारिका पहलवान अखाड़े में नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित यह दंगल केवल कुश्ती प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा बल्कि क्षेत्र की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और खेल परंपरा से जुड़ा आयोजन भी रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर अभ्यास करने वाले पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी पारंपरिक कुश्ती को आगे बढ़ाने और युवा पहलवानों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। द्वारिका पहलवान अखाड़े में आयोजित इस दंगल ने एक बार फिर रामनगर की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को लोगों के बीच प्रमुखता से सामने रखा।
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