वाराणसी में मासूम की मौत पर हंगामा और चक्काजाम
चितईपुर के केयर हास्पिटल में दो वर्ष की बच्ची की इलाज के दौरान मौत
वाराणसी: चितईपुर थाना क्षेत्र के नेवादा स्थित केयर हास्पिटल में सोमवार को इलाज के दौरान दो वर्ष की मासूम बच्ची आरवी की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब अस्पताल से निकलने के बाद मृत बच्ची के परिजनों ने नेवादा से सुंदरपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और एसीपी भेलूपुर मौके पर पहुंचे और परिजनों को जांच तथा कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
फेफड़े में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती थी बच्ची
जानकारी के अनुसार मझवां क्षेत्र के अदलहाट मीरजापुर निवासी विजय यादव ने अपनी दो वर्ष की बेटी आरवी को फेफड़े में संक्रमण की समस्या के चलते तीन दिन पहले नेवादा स्थित केयर हास्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार बच्ची का अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने अस्पताल में इलाज को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मृत बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची को ट्यूब डालने के बाद कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में करीब बीस हजार रुपये बकाया होने के कारण बच्ची का इलाज और दवा बंद कर दी गई। परिवार का कहना है कि समय पर उपचार और दवा नहीं मिलने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ती गई और अंत में उसकी मौत हो गई। हालांकि इलाज में लापरवाही और बकाया राशि के कारण उपचार बंद किए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
नर्स के व्यवहार को लेकर भी परिजनों में नाराजगी
परिजनों ने अस्पताल की एक नर्स पर भी स्वजनों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी से बात करने का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर परिवार के लोगों की नाराजगी और बढ़ गई। परिजनों का कहना था कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद उन्हें उचित जानकारी और सहयोग नहीं मिला। बच्ची की मौत के बाद परिवार के लोग अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगते रहे। जब काफी देर तक स्थिति सामान्य नहीं हुई तो परिजन अस्पताल से बाहर निकल आए और नेवादा से सुंदरपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
पुलिस और एसीपी ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
चक्काजाम की सूचना मिलते ही चितईपुर पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांत कराया। इसके बाद चक्काजाम की जानकारी मिलने पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और जांच तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम समाप्त कर दिया। इस दौरान मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और मौके पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
अस्पताल प्रबंधन को लेकर परिजनों में आक्रोश
मासूम की मौत के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक परिजनों और अन्य लोगों की भीड़ जुटी रही। परिवार के लोगों में अस्पताल प्रबंधन को लेकर आक्रोश दिखाई दिया। परिजन इलाज के दौरान हुई घटनाओं और बच्ची की मौत के कारणों को लेकर जांच की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत कराने के साथ ही उचित स्तर पर शिकायत और जांच की प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। फिलहाल बच्ची की मौत को लेकर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। आधिकारिक जांच के बाद ही इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीएमओ ने कहा शिकायत मिलने पर होगी जांच
वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनपी सिंह ने कहा कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में किसी तरह की शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत मिलने के बाद जांच की स्थिति और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
पृष्ठभूमि
चितईपुर थाना क्षेत्र के नेवादा में स्थित केयर हास्पिटल में हुई इस घटना के बाद इलाज के दौरान दो वर्ष की बच्ची की मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में डॉक्टर के समय पर नहीं देखने और बकाया राशि को लेकर इलाज तथा दवा बंद किए जाने की बात कही गई है। दूसरी ओर इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
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