सतुआ बाबा के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी का मामला
वाराणसी: महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से पैसों की मांग करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी आईडी के माध्यम से लोगों को संदेश भेजे जा रहे हैं और खुद को सतुआ बाबा बताकर आर्थिक मदद के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद सतुआ बाबा ने मंगलवार को चौक थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी आईडी से भेजे जा रहे संदेश
सतुआ बाबा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करते हुए फर्जी आईडी बनाई गई है। इस आईडी से अलग अलग लोगों को संदेश भेजे जा रहे हैं। संदेशों में खुद को सतुआ बाबा बताया जा रहा है और लोगों से पैसों की मांग की जा रही है। इससे उनके नाम और प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल होने के साथ ही आम लोगों के ठगी का शिकार होने की आशंका भी बनी हुई है।
शिकायत के अनुसार फर्जी आईडी से भेजे जा रहे संदेशों में अभद्र और अमर्यादित बातें भी की जा रही हैं। सतुआ बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर के नाम का इस्तेमाल किए जाने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। सतुआ बाबा ने पुलिस से अनुरोध किया है कि फर्जी आईडी संचालित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि किसी अन्य व्यक्ति को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया जा सके।
संत के फोन से हुआ मामले का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक संत ने फोन पर सतुआ बाबा को इस तरह के संदेश भेजे जाने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद सतुआ बाबा को पता चला कि उनके नाम पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया।
एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग
सतुआ बाबा ने पुलिस से फर्जी आईडी बनाने और उसके माध्यम से लोगों को संदेश भेजकर पैसे मांगने वाले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधि से लोगों को आर्थिक नुकसान हो सकता है और उनके नाम का भी गलत इस्तेमाल हो रहा है। शिकायत का उद्देश्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराना और भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस प्रकार की ठगी से बचाना है।
साइबर सेल कर रही मामले की जांच
चौक इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल से कराई जा रही है। पुलिस फर्जी आईडी से भेजे गए संदेशों और उससे जुड़ी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। साइबर सेल के स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी आईडी किसने बनाई और इसके माध्यम से किन लोगों से संपर्क किया गया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
फर्जी पहचान के माध्यम से पैसे मांगने के मामलों में लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। किसी संत धार्मिक व्यक्ति संस्था या परिचित के नाम से यदि अचानक आर्थिक मदद या रुपये भेजने का संदेश प्राप्त होता है तो बिना पुष्टि किए किसी खाते में पैसा भेजना उचित नहीं है। ऐसे संदेशों की वास्तविकता संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर जांच की जा सकती है। वाराणसी में सामने आया यह मामला भी इसी तरह की साइबर ठगी से जुड़ा बताया जा रहा है जिसकी जांच पुलिस और साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
फिलहाल मामले में पुलिस की साइबर सेल जांच कर रही है। जांच के दौरान फर्जी आईडी बनाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान और उनके द्वारा भेजे गए संदेशों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सतुआ बाबा की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को जांच के लिए लिया है। अब साइबर जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि फर्जी आईडी कहां से संचालित की जा रही थी और पैसों की मांग के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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