रामनगर में छठ महापर्व की तैयारियों को मिलेगी नई गति, संतोष द्विवेदी को फिर सौंपी गई अध्यक्ष पद की कमान
छठ व्रतियों की सेवा के लिए इस वर्ष भी सजेगा निःशुल्क सेवा शिविर, पूजन सामग्री से लेकर गाय के दूध तक की होगी व्यवस्था; पर्यावरण संरक्षण का भी रखा जाएगा विशेष ध्यान
वाराणसी/रामनगर: लोकआस्था, अटूट श्रद्धा, पवित्रता और सामाजिक समरसता के अनुपम संगम छठ महापर्व को लेकर रामनगर में तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छठ पूजा समिति, रामनगर के द्विवार्षिक पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है। समिति के नेतृत्व की जिम्मेदारी एक बार फिर सर्वसम्मति से एडवोकेट संतोष द्विवेदी को सौंपी गई है। उनके पुनः अध्यक्ष चुने जाने से समिति के सदस्यों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा, सुविधा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। नई कार्यकारिणी के गठन को आगामी छठ महापर्व की तैयारियों को व्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छठ महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और परिवार एवं समाज के कल्याण की कामना से जुड़ी ऐसी परंपरा है, जिसमें आस्था के साथ सेवा और समर्पण का भाव भी दिखाई देता है। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से लेकर उदीयमान सूर्य की उपासना तक चलने वाला यह पर्व श्रद्धालुओं को अनुशासन, पवित्रता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देता है। रामनगर में छठ पूजा समिति इसी भावना को केंद्र में रखते हुए पर्व के आयोजन के साथ-साथ व्रतियों और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करती रही है। समिति की नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही इस वर्ष भी सेवा और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।
नई कार्यकारिणी में अनुभवी पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
समिति के पुनर्गठन के बाद घोषित नई कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अध्यक्ष पद पर एडवोकेट संतोष द्विवेदी को पुनः चुना गया है। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी एडवोकेट महेश पटेल, डॉ. आर.के. सिंह, रंजय सिंह ‘राज’, जशवंत सिंह एवं उदय बिहारी श्रीवास्तव को दी गई है। वहीं, एडवोकेट मणिशंकर शर्मा को महामंत्री और सृजन श्रीवास्तव को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। समिति के कार्यों को गति देने तथा विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन में सहयोग के लिए कुलदीप सेठ, जय चौहान, जितेंद्र सिंह ‘जित्तू’, गोविंद मौर्य एवं रोहित साहनी को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त मीडिया से संबंधित गतिविधियों के समन्वय के लिए रिषभ सिन्हा एवं शिशिर चौरसिया को मीडिया संयोजक बनाया गया है। समिति के सुचारु संचालन, आपसी समन्वय और आगामी आयोजनों की तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 10 सदस्यों की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया है। नई टीम से अपेक्षा की जा रही है कि सभी पदाधिकारी और सदस्य आपसी तालमेल के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे, जिससे छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए फिर स्थापित होगा निःशुल्क सेवा शिविर
पुनः अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद संतोष द्विवेदी ने समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व लोकआस्था, श्रद्धा, पवित्रता और सामाजिक समरसता का अनुपम पर्व है। इसकी विशेषता केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सेवा, सहयोग, स्वच्छता और सामूहिक सहभागिता की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे पूरी श्रद्धा और सहजता के साथ पर्व से जुड़े अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
इसी उद्देश्य से छठ महापर्व के अवसर पर समिति की ओर से पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी विशेष निःशुल्क सेवा शिविर स्थापित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को पान, सुपारी, माचिस, माला और अगरबत्ती सहित आवश्यक पूजन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए गाय के दूध की व्यवस्था भी की जाएगी। पर्व के दौरान पूजन सामग्री की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समिति की यह पहल श्रद्धालुओं को सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। समिति का प्रयास रहेगा कि सेवा शिविर की व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से तैयार की जाएं और श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री प्राप्त करने में सुविधा हो।
पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सेवा की तैयारी
छठ महापर्व में स्वच्छता और प्रकृति के प्रति सम्मान का विशेष महत्व है। सूर्योपासना और जल के प्रति आस्था से जुड़े इस पर्व पर घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए समिति ने पूजन सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण के लिए पर्यावरण अनुकूल थैलियां उपलब्ध कराने की योजना भी रखी है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।
संतोष द्विवेदी ने कहा कि समिति की प्राथमिकता केवल छठ महापर्व का आयोजन करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग के माध्यम से पर्व की गरिमा को और अधिक बढ़ाना है। उन्होंने पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। उनके अनुसार, किसी भी सामूहिक धार्मिक आयोजन की सफलता के पीछे लोगों की सहभागिता, व्यवस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का भाव महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समिति के प्रत्येक सदस्य की भूमिका अहम होगी।
अगली बैठक में तैयार होगी आयोजन की विस्तृत रूपरेखा
नई कार्यकारिणी के गठन के अवसर पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही समिति की अगली बैठक आयोजित कर आगामी छठ महापर्व की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में निःशुल्क सेवा शिविर की व्यवस्थाओं, पूजन सामग्री के वितरण, गाय के दूध की उपलब्धता, पर्यावरण अनुकूल थैलियों तथा अन्य आवश्यक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही लिए गए निर्णयों को व्यावहारिक रूप देने के लिए पदाधिकारियों एवं सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का समन्वय स्थापित करने पर भी जोर रहेगा।
समिति के सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी के सामूहिक प्रयासों से इस वर्ष भी रामनगर में छठ महापर्व श्रद्धा, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता की भावना के साथ संपन्न कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा। संतोष द्विवेदी को पुनः अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ समिति ने अपनी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है। अब आगामी बैठक और तैयारियों के अगले चरण पर सभी की निगाहें रहेंगी, जिनके माध्यम से पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
रामनगर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में छठ महापर्व का विशेष स्थान है। ऐसे में समिति की नई कार्यकारिणी के सामने आयोजन की गरिमा बनाए रखने, श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और सेवा की भावना को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। समिति की घोषित योजनाओं के अनुसार, निःशुल्क सेवा शिविर इस वर्ष भी पर्व के दौरान श्रद्धालुओं के सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। सामूहिक सहभागिता और बेहतर समन्वय के साथ इन तैयारियों को आगे बढ़ाना ही नई कार्यकारिणी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
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