वाराणसी से दिल्ली के लिए स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत, सीएम योगी और रेलमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
वाराणसी से नई दिल्ली का सफर होगा और सुविधाजनक, 16 कोच और 823 सीटों वाली ट्रेन के उद्घाटन की तैयारियां पूरी; तीन नई रेल सेवाओं को भी मिलेगी हरी झंडी
वाराणसी। पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए शनिवार का दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। देश की दूसरी और उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच प्रस्तावित यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस ट्रेन के संचालन से वाराणसी और आसपास के जिलों के यात्रियों को राजधानी दिल्ली तक आने-जाने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा।
उद्घाटन समारोह के लिए बनारस रेलवे स्टेशन पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रेन उद्घाटन के दिन शाम 4:30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 8 से रवाना होगी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आधी रात के बाद सुबह दो बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ 200 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। नई दिल्ली, लखनऊ और गोरखपुर समेत विभिन्न स्थानों से रेलवे के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंच चुके हैं। स्टेशन परिसर में उद्घाटन समारोह के लिए मंच तैयार किया गया है और आयोजन को लेकर रेलवे प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
16 कोच और 823 सीटों से लैस होगी स्लीपर वंदे भारत
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 थर्ड एसी, चार सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। ट्रेन में यात्रियों के लिए कुल 823 सीटें निर्धारित की गई हैं। स्लीपर श्रेणी की सुविधा होने के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रात में सफर करने के दौरान आराम की सुविधा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को इससे लाभ मिल सकता है।
प्रस्तावित मार्ग के अनुसार ट्रेन वाराणसी से चलकर प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से मार्ग में पड़ने वाले शहरों के यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिल सकेगा। ट्रेन के संचालन से पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क को और बेहतर बनाने की उम्मीद है।
रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 27421/27422 के संचालन से संबंधित कार्यक्रम में बनारस से शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह के अन्य दिनों में सेवा उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, नियमित संचालन की शुरुआत, अंतिम समय-सारिणी, किराया और आरक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि यात्रियों को रेलवे की अधिसूचना से करनी चाहिए।
उद्घाटन के दिन रेलवे अधिकारियों और स्कूली छात्रों को मिलेगा सफर का मौका
स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के दिन पहले सफर में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों के साथ कुछ स्कूली छात्र भी शामिल होंगे। इस दौरान यात्रियों को प्रयागराज और कानपुर तक की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन के अवसर पर आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य नई रेल सेवा की शुरुआत को विशेष बनाना है। हालांकि, आम यात्रियों के लिए नियमित टिकट बुकिंग और संचालन की तारीख को लेकर अभी रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रेल सेवा शुरू होने की संभावित तारीख को लेकर यात्रियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। त्योहारी मौसम को देखते हुए माना जा रहा है कि दीपावली से पहले नियमित संचालन शुरू होने पर लोगों को घर आने-जाने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, नियमित परिचालन की तारीख की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही हो सकेगी।
बनारस से रामबाग तक फास्ट मेमू ट्रेन को भी दिखाई जाएगी हरी झंडी
स्लीपर वंदे भारत के साथ ही शनिवार को बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच चलने वाली फास्ट मेमू ट्रेन का भी उद्घाटन किया जाएगा। इस सेवा से वाराणसी और प्रयागराज के बीच रेल यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है। दोनों शहरों के बीच नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा यात्रियों और अन्य दैनिक यात्रियों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।
इसके अलावा वाराणसी जंक्शन यानी कैंट रेलवे स्टेशन से राजातालाब तक मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत भी की जाएगी। इस ट्रेन को मुख्यमंत्री और रेल मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ट्रेन कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 से रवाना होगी। इस अवसर पर 200 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं को भी मेमू ट्रेन से यात्रा करने का मौका मिलेगा। स्थानीय रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में इस सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी क्रम में प्रयागराज रामबाग से औड़िहार के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाने का कार्यक्रम है। इन रेल सेवाओं के शुरू होने से वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
गुजरात से वाराणसी पहुंचेगी साबरमती एक्सप्रेस
वाराणसी के रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत वाराणसी से साबरमती के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की गई है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली यह ट्रेन शनिवार को वाराणसी पहुंचेगी। इस सेवा के नियमित संचालन से गुजरात की यात्रा करने वाले व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, वाराणसी से साबरमती के लिए ट्रेन शाम 5:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 8:15 बजे साबरमती पहुंचेगी। वापसी में साबरमती से ट्रेन सुबह 5:20 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 6:30 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस सेवा से दोनों क्षेत्रों के बीच लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।
पूर्वांचल के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल
वाराणसी से स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत, विभिन्न मेमू सेवाओं का उद्घाटन और साबरमती के लिए नई ट्रेन सेवा का संचालन पूर्वांचल के रेल नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। इन सेवाओं से लंबी दूरी के यात्रियों के साथ-साथ आसपास के शहरों और कस्बों के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, स्लीपर वंदे भारत के नियमित संचालन की तारीख और आम यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग से संबंधित जानकारी का इंतजार बना हुआ है। रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यात्री इस आधुनिक ट्रेन में नियमित सफर कब से कर सकेंगे। फिलहाल, शनिवार को होने वाला उद्घाटन समारोह वाराणसी के रेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
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