बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, 59 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा; फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मुंबई। हिंदी सिनेमा जगत से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं रहे। 30 अक्टूबर 2026 की रात उनका निधन हो गया। उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। संजय गुप्ता 59 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि फिल्म निर्माता और निर्देशक अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय गुप्ता अपने मुंबई स्थित आवास पर दुर्घटनावश गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। बताया जा रहा है कि यह हादसा घर के बाथरूम में हुआ था। हालांकि, घटना की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं और विस्तृत जानकारी का इंतजार है। अशोक पंडित ने अपने संदेश में बताया कि सिर में चोट लगने के कारण फिल्म निर्देशक का निधन हुआ। उन्होंने संजय गुप्ता को अपना करीबी मित्र बताते हुए उनके असमय निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
एक्शन और क्राइम थ्रिलर फिल्मों से बनाई अलग पहचान
संजय गुप्ता हिंदी फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले निर्देशकों में शामिल थे। खास तौर पर एक्शन, क्राइम और थ्रिलर फिल्मों को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए उन्हें जाना जाता था। उन्होंने अपने निर्देशन के जरिए ऐसी फिल्में बनाईं, जिनकी कहानी, संवाद, एक्शन दृश्य और प्रस्तुति ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उनकी फिल्मों में अपराध जगत की कहानियों को एक अलग सिनेमाई अंदाज में पेश करने की विशेषता दिखाई देती थी।
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ के साथ अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’, ‘खौफ’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘दस कहानियां’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी फिल्मों में एक्शन और अपराध की दुनिया को प्रस्तुत करने का अंदाज दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
संजय दत्त के साथ कई चर्चित फिल्मों में किया काम
अभिनेता संजय दत्त के साथ भी संजय गुप्ता की जोड़ी ने कई चर्चित फिल्मों में काम किया। ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों में दोनों का सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वर्ष 2013 में आई फिल्म ‘शूटआउट एट वडाला’ के जरिए भी उन्होंने अपराध पर आधारित कहानी को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। वहीं, ऋतिक रोशन और यामी गौतम अभिनीत फिल्म ‘काबिल’ के निर्देशन से भी उन्हें काफी सराहना मिली।
निर्देशन के साथ फिल्म निर्माण में भी रहा योगदान
निर्देशन के साथ-साथ संजय गुप्ता ने बतौर निर्माता भी हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी प्रोडक्शन कंपनी व्हाइट फेदर फिल्म्स के माध्यम से कई फिल्मों का निर्माण हुआ। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और नए विषयों पर काम करने की रुचि ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी हालिया फिल्मों में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ भी शामिल रही।
संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और उनके प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है। अशोक पंडित ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में उन्हें शानदार कहानीकार, जीवंत व्यक्तित्व और सिनेमा के प्रति समर्पित फिल्मकार बताया। उन्होंने कहा कि संजय गुप्ता का इस तरह चले जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। उनके अंतिम संस्कार और अन्य कार्यक्रमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की बात भी कही गई है।
हिंदी सिनेमा में याद किया जाएगा योगदान
तीन दशकों से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे संजय गुप्ता अपने पीछे फिल्मों की एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। उनकी बनाई फिल्मों और निर्देशन की विशिष्ट शैली के जरिए उनका योगदान हिंदी फिल्म जगत में हमेशा याद किया जाएगा।
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