वाराणसी: अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी मूर्ति तोड़े जाने की सूचना के बाद सोमवार को मणिकर्णिका घाट पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पाल समाज के लोग घाट पर एकत्र हो गए और करीब 30 से 35 लोगों ने प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की गई है, जो न केवल समाज विशेष बल्कि देश और प्रदेश के सम्मान पर सीधा प्रहार है।
घाट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हालात को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने का प्रयास किया और लोगों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, बातचीत के बीच ही स्थिति बिगड़ गई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फट गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठी भाज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा गया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को काबू में लिया और 20 से 25 लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, पाल समाज के लोगों का कहना है कि यदि घाट पर जाकर वास्तविक स्थिति देखी जाए तो स्पष्ट रूप से तोड़फोड़ के निशान मौजूद हैं। उनका आरोप है कि इस घटना को हल्के में लेना गलत होगा, क्योंकि यह सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक सम्मान से जुड़ा मामला है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मणिकर्णिका घाट से जुड़ी भ्रामक पोस्ट और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में आठ लोगों के खिलाफ चौक थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जिन आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उन्हें 72 घंटे के भीतर संबंधित थाने में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। पुलिस की कई टीमें लगातार सक्रिय हैं और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक तस्वीरों व आपत्तिजनक टिप्पणियों की गहन जांच की जा रही है।
एफआईआर में जिन नामों का उल्लेख है, उनमें आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह तथ्यों के आधार पर की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मणिकर्णिका घाट और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक शहर में इस तरह की घटनाओं को लेकर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे से माहौल दोबारा न बिगड़े।
