वाराणसी: होटल हरि विलास के सभागार में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (FAIM) की वाराणसी जिला इकाई द्वारा “जनसंवाद, व्यापारिक समस्याएं, यातायात एवं कानून व्यवस्था व संगठन विस्तार संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य शहर के व्यापारियों को एक मंच पर लाकर उनकी जमीनी समस्याओं को सुनना, समाधान के लिए प्रशासन से सीधा संवाद स्थापित करना और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाराणसी कमिश्नरेट के एडीसीपी यातायात श्रीमान अंशुमान मिश्रा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रेम मिश्रा ने सहभागिता की। संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों और अलग-अलग व्यापार से जुड़े करीब 35 युवा व्यापारियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की, जो संगठन के विस्तार और व्यापारिक एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संगोष्ठी के दौरान व्यापारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की यातायात से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। विशेष रूप से रोपवे निर्माण के कारण गोदौलिया आने वाले लक्सा से गिरिजाघर मार्ग के कई महीनों से पूर्ण रूप से बंद रहने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस मार्ग के बंद होने से श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, तीर्थयात्रियों, विदेशी पर्यटकों और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे व्यापार पर सीधा नकारात्मक असर पड़ा है। इसके साथ ही शहर के व्यस्ततम बाजारों में नगर निगम की खाली जगहों पर छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने, पूर्व की तरह केवल बारकोडिंग वाले ई-रिक्शा एवं ऑटो के संचालन को सख्ती से लागू करने, स्कूल-कॉलेजों में सायं चार बजे के बाद पार्किंग की व्यवस्था करने तथा जामग्रस्त मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रेम मिश्रा ने की, जबकि संचालन प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अशोक जायसवाल ने किया। इस अवसर पर वाराणसी के जिलाध्यक्ष श्री अमित शेवारमानी एवं महामंत्री श्री कृष्णा मोदी ने संगोष्ठी में पधारे सभी व्यापारियों एवं अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि एडीसीपी यातायात श्री अंशुमान मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि काशी एक प्राचीन, धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है, जहां प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाहर से आते हैं और आसपास के जिलों से छोटे एवं मध्यम व्यापारी खरीदारी के लिए शहर पहुंचते हैं। सुगम यातायात और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था न होने से आम नागरिकों और ग्राहकों को भारी परेशानी होती है, जिसका सीधा प्रभाव व्यापार पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में शहर के प्रमुख 15 चौराहों पर व्यापारियों की पांच सदस्यीय समितियों के माध्यम से यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। साथ ही व्यस्त बाजारों में छोटी पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करने और गोदौलिया मार्ग को आवागमन के लिए जल्द से जल्द सुचारु रूप से शुरू कराने का भरोसा भी दिया। उन्होंने सुगम यातायात व्यवस्था में व्यापारियों के सहयोग की सराहना करते हुए आगे भी सकारात्मक समन्वय बनाए रखने की अपील की।
इस संगोष्ठी में प्रमुख रूप से अमित शेवारमानी, प्रेम मिश्रा, अशोक जायसवाल, गोकुल शर्मा, अनुज डिडवानिया, सर्वेश अग्रवाल, कृष्णा मोदी, अनिल पाण्डेय, राजीव गुप्ता, आशीष मालु, श्रेष्ठ साध, इंद्रजोत सिंह गोल्डी, नितेश नरसिंघानी, दीपक राख्यानी, सिद्धार्थ चड्ढा, विक्की मोटवानी, सौरभ शर्मा, शशांक बरनवाल, यश जायसवाल, गौरव जायसवाल, आशीष जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, अंकित अग्रवाल, खालिद अंसारी, राजन जायसवाल, रजनीश कन्नौजिया, राकेश शर्मा, सन्नी जौहर, बिक्रम सिंह बंटी, सुरेश तुलस्यान, घनश्याम जायसवाल, दीपक वासवानी, विनोद सिंह, विनोद त्रिपाठी, संजीव रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह संगोष्ठी व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवाद का एक सशक्त मंच साबित हुई, जहां व्यापारिक हितों, यातायात सुधार और शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस पहल और सकारात्मक आश्वासन सामने आए।
