सिद्धार्थनगर: उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में आयोजित राम-राम कुश्ती दंगल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में पूर्व विधायक पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया जा रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो रविवार का है, जब डुमरियागंज में कुश्ती दंगल का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान दो पहलवानों के समूहों के बीच किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप है कि इस विवाद के बीच मंच से माइक के माध्यम से ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें मुस्लिम समुदाय से जोड़कर देखा जा रहा है। वायरल क्लिप में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा पहलवानों का “खतना चेक करने” जैसी टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है, साथ ही कथित तौर पर थानाध्यक्ष डुमरियागंज से इस संबंध में बात करने का उल्लेख भी सुनाई देता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसे लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे समाज में आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह पूर्व में भी मुसलमानों को लेकर दिए गए अपने बयानों के कारण विवादों में रह चुके हैं, जिस वजह से इस बार भी मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि न्यूज रिपोर्ट इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो की सत्यता, संदर्भ और इसमें किए गए दावों की जांच अभी शेष है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई या बयान की पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
फिलहाल, पूर्व विधायक का कथित बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। लोग कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक मंचों से जिम्मेदार भाषण की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं। अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वायरल वीडियो की वास्तविकता क्या है और इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
