जनपद आजमगढ़ में ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के अंतर्गत जनपदीय पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दो अलग अलग मामलों में न्यायालय द्वारा अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहला मामला थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ में पंजीकृत मुकदमा संख्या 792/2000 से संबंधित है। इस मामले में दिनांक 07.06.2000 को तत्कालीन उप निरीक्षक एस पी मौर्य द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर के अनुसार चेकिंग के दौरान अभियुक्त सुकूल पुत्र अच्छेलाल निवासी ग्राम रजवापुर थाना अहरौला जनपद आजमगढ़ के कब्जे से अवैध नशीला पदार्थ 52 टेबलेट डायजापाम बरामद किया गया था। मामले में अभियुक्त के विरुद्ध धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर दिनांक 31.01.2026 को माननीय एसीजेएम 10 कोर्ट आजमगढ़ द्वारा अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इस निर्णय को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरा मामला भी थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ में पंजीकृत मुकदमा संख्या 946/2008 से संबंधित है। इस प्रकरण में दिनांक 24.08.2008 को वादी सुदेश पुत्र फेकूलाल निवासी सीताराम देवना द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त प्रकाश दसगर पुत्र सम्भल निवासी आसिफगंज थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ द्वारा गाली गलौज की गई। मामले में अभियुक्त के विरुद्ध धारा 504 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर दिनांक 31.01.2026 को माननीय सीजेएम कोर्ट आजमगढ़ द्वारा अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए न्यायालय उठने तक का कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों में दोषियों को सजा दिलाकर आम जनता में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। जनपद आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त और प्रभावी पैरवी जारी रहेगी ताकि अपराधियों को समयबद्ध न्यायिक दंड मिल सके और कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
