कमिश्नरेट वाराणसी में अपराधों की विवेचना को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अपराध शाखा एवं एएचटी थाना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। दिनांक 04.02.2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अपराध शाखा केवल पुराने मामलों की फाइलों के निस्तारण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीबीआई की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना का प्रमुख केंद्र बनेगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि अपराध शाखा में वही विवेचक विवेचना करेंगे, जिन्हें तकनीक और कानून की गहरी समझ होगी। विवेचना का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय की अनुभूति कराना और अभियुक्तों के मन में कानून का भय स्थापित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब विवेचना निष्पक्ष और मजबूत होती है, तो न्यायालय में अभियोजन भी सफल होता है।
समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि अपराध शाखा में किसी प्रकरण के स्थानांतरण से वादी के मन में न्याय की भावना और अभियुक्तों में डर की भावना उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यह संदेश जाना चाहिए कि कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा और दूध का दूध तथा पानी का पानी होगा।
इस अवसर पर थाना एएचटी द्वारा विगत तीन वर्षों से लापता 06 बालिकाओं की सफल बरामदगी पर पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना करते हुए प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी तथा महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता अत्यंत आवश्यक है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध शाखा द्वारा विगत वर्ष 49 लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया है। इसके अलावा जनवरी 2026 में कुल 06 विवेचनाओं का भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया। पुलिस आयुक्त ने इसे सराहनीय बताते हुए कहा कि इसी प्रकार निरंतर कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सहायक पुलिस आयुक्त अपराध को निर्देश दिया गया कि वे लंबित विवेचनाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि निरंतर निगरानी बनी रहे। पुलिस आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी कि यदि विवेचना के किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि आधुनिक विवेचना के लिए डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण उपकरणों, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग ही आज के समय में मजबूत विवेचना की पहचान है।
बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने दोहराया कि मानव तस्करी, महिला अपराध और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस को न केवल कानूनी बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी संवेदनशील होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के लिए इस प्रकार की समीक्षा बैठकें आगे भी नियमित रूप से की जाती रहेंगी।
