महाशिवरात्रि पर वाराणसी में व्यापक सुरक्षा तैयारी, कानून व्यवस्था को लेकर विस्तृत बैठक आयोजित
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर कमिश्नरेट वाराणसी में कानून व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। 13 फरवरी 2026 को अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी श्री शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित भीड़, शिवबारात आयोजन, घाटों और जल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था सहित समग्र कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध श्री अतुल अंजन त्रिपाठी, प्रभारी जल पुलिस सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नाविक, मल्लाह और मांझी समाज के प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों तथा शिवबारात आयोजकों को भी आमंत्रित किया गया था। सभी पक्षों के साथ विस्तृत विचार विमर्श कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।
जल क्षेत्र और नाव संचालन को लेकर सख्त निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल वैध पंजीकृत और लाइसेंसधारी नाविक ही नाव संचालन कर सकेंगे। अवैध नावों के खिलाफ अभियान चलाकर सीज की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक नाव पर पंजीकरण संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होगी और जांच के समय अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना और पहनाना अनिवार्य रहेगा। बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन की अनुमति नहीं होगी। नाव में रस्सी, टॉर्च और प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य रूप से रखी जाएगी। प्रतिबंधित जल क्षेत्र में नाव ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। नशे की अवस्था में नाव संचालन पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घाट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण योजना
प्रमुख घाटों पर प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए जाएंगे, ताकि भीड़ का दबाव न बने। सुरक्षित और असुरक्षित स्नान क्षेत्र का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाएगा तथा गहरे जल क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। अत्यधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है।
घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की धक्का मुक्की, अफवाह या अव्यवस्था की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
शिवबारात और शोभायात्रा के लिए दिशा निर्देश
शिवबारात केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत मार्ग और निर्धारित समयावधि में ही निकाली जाएगी। आयोजकों को पूर्व में मार्ग, समय, अनुमानित भीड़ और वाहनों की संख्या की जानकारी देनी होगी। भड़काऊ, साम्प्रदायिक या उत्तेजक नारे और गीत पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। आतिशबाजी केवल अनुमति प्राप्त स्थल पर और सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जा सकेगी।
शोभायात्रा के दौरान आपातकालीन मार्ग अवरोध मुक्त रखा जाएगा और एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोजकों को प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती करनी होगी, जो पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस कोड में रहेंगे।
ध्वनि नियंत्रण और यातायात प्रबंधन
लाउडस्पीकर और डीजे का उपयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से किया जाएगा। निर्धारित ध्वनि स्तर और समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा। रात के समय नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उपकरण जब्त किए जाएंगे। अस्पताल, विद्यालय और संवेदनशील क्षेत्रों में ध्वनि से असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
पार्किंग केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर ही की जा सकेगी। मुख्य मार्ग, घाट मार्ग और आपातकालीन रास्तों पर वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यातायात डायवर्जन प्लान का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध रहेगा।
अग्नि सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष जोर
आयोजन स्थलों पर अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था अनिवार्य होगी। जेनरेटर सेट को सुरक्षित दूरी पर रखा जाएगा और अस्थायी विद्युत कनेक्शन केवल अधिकृत तकनीशियन द्वारा लगाए जाएंगे। गैस सिलेंडर का उपयोग निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
घाटों और मंदिर परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए अलग कचरा पात्र स्थापित किए जाएंगे। पूजा सामग्री को सीधे नदी में विसर्जित करने के बजाय पृथक संग्रहण की व्यवस्था होगी। नगर निगम के साथ समन्वय कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाएं। निर्धारित मार्ग और पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट अवश्य पहनें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।
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