दालमंडी सड़क चौड़ीकरण कार्य का व्यापक निरीक्षण, कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर अपर पुलिस आयुक्त के सख्त निर्देश
वाराणसी कमिश्नरेट के अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले दालमंडी क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और यातायात प्रबंधन की स्थिति का अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय द्वारा विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया गया। घनी आबादी, संकरी गलियों, व्यावसायिक गतिविधियों और धार्मिक स्थलों की अधिकता के कारण यह क्षेत्र हमेशा से प्रशासन की प्राथमिकता में रहा है। ऐसे में विकास कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने पूरे चौड़ीकरण क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने निर्माणाधीन स्थलों, प्रभावित गलियों, प्रमुख बाजार मार्गों, चौराहों, धार्मिक स्थलों के आसपास के क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, पार्किंग स्थलों और यातायात डायवर्जन बिंदुओं का बारीकी से अवलोकन किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली गई और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए।
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन
अपर पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी निर्माण स्थलों पर त्रिस्तरीय मजबूत बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। लोहे के मजबूत बैरिकेड, रिफ्लेक्टर युक्त टेप और स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि दिन और रात दोनों समय राहगीरों को स्पष्ट रूप से निर्माण क्षेत्र की जानकारी मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि “प्रवेश निषेध” तथा “सावधान – निर्माण कार्य प्रगति पर है” जैसे सूचना पट्ट प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं। निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया गया कि वह प्रतिदिन सुरक्षा मानकों का सत्यापन करे और संबंधित थाना प्रभारी नियमित भौतिक निरीक्षण कर अनुपालन रिपोर्ट प्रेषित करें। सड़क पर मलबा या निर्माण सामग्री बिखरी न रहे, इसके लिए निर्धारित स्थान पर ही डंपिंग सुनिश्चित की जाए।
रात्रिकालीन प्रकाश और विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान
रात्रि के समय किसी भी दुर्घटना या अवांछित घटना से बचाव के लिए निर्माण क्षेत्रों और डायवर्जन बिंदुओं पर पर्याप्त हाई मास्ट और फोकस लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। अस्थायी विद्युत कनेक्शन, खुले तारों और जनरेटर सेट की नियमित जांच करने को कहा गया।
रात्रि गश्त के दौरान प्रकाश व्यवस्था की स्थिति की विशेष समीक्षा करने और कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार कराने का निर्देश दिया गया। विद्युत सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण
दालमंडी जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्र में पैदल यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षित अस्थायी कॉरिडोर विकसित करने के निर्देश दिए गए। वृद्धजन, महिलाएं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संकरे स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई।
जरूरत पड़ने पर रस्सी या बैरिकेड के माध्यम से पैदल और वाहन मार्ग अलग करने के निर्देश दिए गए ताकि अव्यवस्था की स्थिति न बने। बाजार खुलने और बंद होने के समय विशेष ड्यूटी प्लान लागू करने और भीड़ के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।
धार्मिक स्थलों और संवेदनशील बिंदुओं पर सतर्कता
निरीक्षण के दौरान मस्जिदों और मंदिरों के आसपास की स्थिति का भी आकलन किया गया। विशेष अवसरों, शुक्रवार की नमाज या अन्य आयोजनों के समय अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश भी दिए गए।
आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक मार्ग
एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए स्पष्ट रूप से वैकल्पिक मार्ग चिन्हित करने और उन्हें प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। थाने स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखने तथा निर्माण एजेंसी के नोडल अधिकारी का संपर्क विवरण कंट्रोल रूम में उपलब्ध रखने को कहा गया ताकि आपात स्थिति में तुरंत समन्वय हो सके।
सीसीटीवी निगरानी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
संवेदनशील स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की दैनिक जांच सुनिश्चित करने और जहां कवरेज कम है वहां अस्थायी या मोबाइल कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग कर संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या उत्तेजक सूचनाओं की सतत निगरानी रखने और किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन आधिकारिक माध्यम से जारी करने के निर्देश दिए गए। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
समन्वय, जवाबदेही और नियमित समीक्षा
पूरे क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया। प्रतिदिन सुबह और शाम ब्रीफिंग आयोजित कर ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।
अपर पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य के दौरान कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से नियंत्रण में रहनी चाहिए और आमजन को न्यूनतम असुविधा हो। पुलिस प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी ताकि दालमंडी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनी रहे।
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