वाराणसी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, सात आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के लंका थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में चल रहे कथित देह व्यापार के अड्डे का भंडाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में तीन युवतियां, दो दलाल, होटल संचालक, भवन स्वामी और एक ग्राहक को हिरासत में लिया गया। यह अभियान विशेष ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान मौके पर अवैध गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनसे संगठित तरीके से देह व्यापार संचालित होने की पुष्टि हुई है।
सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई
पुलिस को यह सूचना पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी मुख्यालय अपूर्वा पांडेय के नेतृत्व में विशेष ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेनबो गेस्ट हाउस में छापा मारा और वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार होटल के कमरों में संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं और बाहर से आने जाने वाले लोगों की आवाजाही भी संदेह के घेरे में थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें चंदौली निवासी मुहम्मद जफर उर्फ राज उर्फ गुड्डू, आजमगढ़ निवासी राजू यादव, वाराणसी निवासी होटल संचालक जितेंद्र कुमार, भवन स्वामी अनिल पांडेय और एक ग्राहक सुनील कुमार शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य लोग दलाली के आरोप में पकड़े गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका अलग अलग स्तर पर सामने आई है और उनसे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मौके से बरामद सामग्री
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है। बरामद सामान में नौ टच स्क्रीन मोबाइल फोन, तीन कीपैड मोबाइल फोन, डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड, एक पेटीएम पेमेंट मशीन, रजिस्टर, नगद राशि तथा चार प्रयुक्त और इक्कीस अप्रयुक्त कंडोम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और भुगतान से जुड़े साधनों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन किन लोगों से संपर्क किया गया और लेन देन किस तरह किया जा रहा था।
डिजिटल माध्यम से हो रहा था लेन देन
जांच में यह बात सामने आई है कि देह व्यापार के लिए डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार क्यूआर कोड और भुगतान मशीन की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि ग्राहकों से नकद के साथ साथ ऑनलाइन भुगतान भी लिया जाता था। यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा था ताकि लेन देन का सीधा रिकॉर्ड न रहे और पहचान छिपाई जा सके। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
एसीपी मुख्यालय अपूर्वा पांडेय ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और इस तरह के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पृष्ठभूमि और लगातार अभियान
वाराणसी में हाल के महीनों में अवैध देह व्यापार के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे पहले भी शहर के विभिन्न इलाकों में इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन अभियानों का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि ऐसे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर उन्हें पूरी तरह खत्म करना है। स्थानीय प्रशासन ने भी गेस्ट हाउस और लॉज संचालकों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
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