बलिया में साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 62.74 लाख रुपये वापस, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी राहत
जनपद बलिया में साइबर ठगी के एक बड़े मामले में जनपदीय साइबर सेल और थाना रेवती पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से पीड़ित को महत्वपूर्ण राहत मिली है। अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धोखाधड़ी कर बैंक खाते से स्थानांतरित की गई धनराशि में से 62,74,524 रुपये शिकायतकर्ता के खाते में वापस कराए गए हैं। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के क्रम में दिनांक 28 फरवरी 2026 को पूरी की गई।
14 दिसंबर 2025 को दर्ज हुई थी ऑनलाइन शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता श्री आशुतोष शंकर सिंह पुत्र श्री अखिलेश कुमार सिंह निवासी गायघाट, थाना रेवती, जनपद बलिया ने दिनांक 14 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके बैंक खाते से कुल 68,00,000 रुपये फर्जी तरीके से धोखाधड़ी कर विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
शिकायत दर्ज होने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपदीय साइबर सेल और थाना रेवती पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, बैंक समन्वय और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित खातों को चिन्हित कर धनराशि को होल्ड कराया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चली समन्वित कार्रवाई
पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक बलिया श्री ओमवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एवं नोडल साइबर सेल श्री कृपा शंकर तथा क्षेत्राधिकारी बैरिया श्री फहीम कुरैशी के निर्देशन में कार्यवाही की गई। अधिकारियों के मार्गदर्शन में साइबर सेल और थाना रेवती पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित कर तकनीकी और विधिक स्तर पर तेजी से काम किया।
लगातार प्रयासों और आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया के बाद मा0 न्यायालय के आदेश के क्रम में 62,74,524 रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता के बैंक खाते में वापस कराई गई। शेष धनराशि के संबंध में भी विधिक प्रक्रिया जारी है।
पीड़ित ने पुलिस टीम का जताया आभार
धनराशि वापस मिलने के बाद शिकायतकर्ता श्री आशुतोष शंकर सिंह ने जनपदीय साइबर सेल और थाना रेवती पुलिस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से उन्हें बड़ी आर्थिक हानि से राहत मिली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों में शीघ्र सूचना और त्वरित कार्रवाई से धनराशि को वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है। यदि पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन और पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हैं तो तकनीकी स्तर पर खातों को फ्रीज या होल्ड कराना आसान होता है।
साइबर ठगी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
जनपदीय साइबर सेल ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता बेहद आवश्यक है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। देरी करने पर धनराशि को ट्रैक करना कठिन हो जाता है।
अधिकारियों ने यह भी सलाह दी है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई भी मोबाइल एप डाउनलोड न करें। वर्क फ्रॉम होम, शेयर ट्रेडिंग या निवेश से संबंधित प्रस्तावों में धन लगाने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन अवश्य करें।
यदि कोई अनजान व्यक्ति पैसों की मांग करता है तो पहले पूरी जांच करें और अपने बैंक खाते का बैलेंस स्वयं जांच लें। किसी के बहकावे में आकर ओटीपी, पासवर्ड या बैंक विवरण साझा न करें। अज्ञात मोबाइल नंबर या ईमेल से भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें।
जनपदीय साइबर पुलिस टीम की भूमिका
इस प्रकरण में जनपदीय साइबर पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री नदीम अहमद फरीदी, निरीक्षक श्री रत्नेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक श्री मनीष कुमार वरुण, मुख्य आरक्षी मो0 इमरान, मुख्य आरक्षी मो0 जफर, आरक्षी अमरनाथ मिश्र, आरक्षी शनि यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार, महिला आरक्षी काजल शुक्ला, आरक्षी अमर बहादुर यादव तथा आरक्षी कुलदीप दूबे शामिल रहे।
थाना रेवती पुलिस का सहयोग
थाना रेवती की ओर से थानाध्यक्ष श्री अनुपम जायसवाल, उपनिरीक्षक श्री सचिन सरोज, उपनिरीक्षक श्री ऋषिकेश गुप्ता, कांस्टेबल योगेन्द्र तथा कांस्टेबल शिव प्रसाद ने समन्वित कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन, दस्तावेजीकरण और विधिक औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
जनपद बलिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और आर्थिक नुकसान से बचाव हो सके।
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