वाराणसी में होली को लेकर विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने दिया प्रेम और सौहार्द का संदेश
वाराणसी: फागुन का महीना आते ही काशी की गलियों में रंग और उल्लास घुलने लगता है। घाटों से लेकर मोहल्लों तक वातावरण में एक अलग ही उत्साह दिखाई देता है। इसी क्रम में वाराणसी कैंट क्षेत्र के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने शहरवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और त्योहार को प्रेम, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि काशी की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर है। यहां का त्योहार सामाजिक समरसता और भाईचारे की परंपरा को मजबूत करता है।
काशी की सांस्कृतिक पहचान और होली का महत्व
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बातचीत में कहा कि वाराणसी की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता से है। होली के अवसर पर यह एकता और भी स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि काशी में रंग केवल चेहरे पर नहीं बल्कि संबंधों में भी लगते हैं। यह त्योहार पुरानी दूरियों को समाप्त करने और नए सिरे से रिश्तों को मजबूत करने का अवसर देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष की होली पहले से अधिक प्रेम और सौहार्द के साथ मनाई जाएगी और लोग सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि काशी की परंपरा में त्योहार सामूहिकता के साथ मनाए जाते हैं। मोहल्लों में एक दूसरे के घर जाकर रंग लगाना और मिठाइयों का आदान प्रदान करना यहां की विशेषता रही है। ऐसे अवसर समाज को जोड़ने का काम करते हैं और नई पीढ़ी को परंपराओं से परिचित कराते हैं।
बनारसी ठाठ और फागुन का माहौल
फागुन के दिनों में अस्सी से लेकर चौक और कैंट से लेकर लंका तक का इलाका रंगों से सराबोर हो जाता है। सड़कों पर पारंपरिक गीतों की धुन और लोगों के चेहरों पर मुस्कान इस बात का संकेत देती है कि काशी में होली का अपना अलग महत्व है। विधायक ने कहा कि त्योहार का आनंद तभी पूर्ण होता है जब उसमें शालीनता और मर्यादा बनी रहे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे त्योहार को सकारात्मक भावना के साथ मनाएं और किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ा है लेकिन त्योहार का असली आनंद अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने में है। मोहल्ले और समाज के लोगों के साथ मिलकर रंग खेलना ही काशी की पहचान है। उन्होंने युवाओं को परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने प्रशासनिक तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि शहर में शांति और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि नागरिक बिना किसी चिंता के त्योहार मना सकें। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से कानून व्यवस्था बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा। उन्होंने लोगों से भी सहयोग की अपील की और कहा कि सामूहिक जिम्मेदारी से ही त्योहार सुरक्षित और सुखद बनता है।
पृष्ठभूमि में काशी की पारंपरिक होली
वाराणसी की होली का इतिहास काफी पुराना रहा है। यहां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ रंगोत्सव मनाने की परंपरा रही है। घाटों पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और मोहल्लों की फाग परंपरा इस शहर को विशेष पहचान देती है। वर्षों से यहां का समाज आपसी मेलजोल के साथ त्योहार मनाता आया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश इस वर्ष भी दिया गया है।
अंत में विधायक ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे ऐसा वातावरण बनाएं जहां रंग भले ही धुल जाएं लेकिन संबंधों की मिठास बनी रहे। उन्होंने कहा कि होली का संदेश नफरत को पीछे छोड़कर प्रेम और भाईचारे को आगे बढ़ाने का है। वाराणसी में होली केवल एक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक है और इसे उसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए।
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