वाराणसी: गंगा स्नान के दौरान युवक की डूबने से मौत, पंचगंगा घाट पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
वाराणसी: धार्मिक आस्था के केंद्र काशी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के पंचगंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
मृतक की पहचान बिहार के रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन निवासी श्याम कुमार के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि श्याम अपने दोस्तों के साथ वाराणसी घूमने आया था और सुबह के समय पंचगंगा घाट पर गंगा स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह अनजाने में गहरे पानी की ओर बढ़ गया और संतुलन खो बैठा। तेज धारा और गहराई के कारण वह देखते ही देखते पानी में समा गया।
दोस्तों की आंखों के सामने हुई घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना इतनी अचानक हुई कि साथ मौजूद उसके मित्र कुछ समझ ही नहीं पाए। युवक के डूबते ही उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया और आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई। घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालु भी तुरंत सक्रिय हुए और पुलिस को सूचना दी गई।
एनडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम के साथ एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में गहन तलाशी अभियान चलाया गया। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाला गया। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और माहौल बेहद गमगीन हो गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला गहरे पानी में चले जाने के कारण हुई दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा इंतजामों और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। खासकर बाहर से आने वाले श्रद्धालु अक्सर नदी की गहराई और तेज प्रवाह से अनजान रहते हैं, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय प्रशासन समय-समय पर सावधानी बरतने की अपील करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आना चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटों पर चेतावनी संकेतों, लाइफगार्ड की तैनाती और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में और ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
LATEST NEWS