यूपीपीएससी पीसीएस-2024 में नेहा पांचाल बनीं टॉपर, चौथे प्रयास में हासिल की ऐतिहासिक सफलता
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा घोषित पीसीएस-2024 के अंतिम परिणाम में दिल्ली के शाहदरा की रहने वाली नेहा पांचाल ने शीर्ष स्थान हासिल कर प्रदेश भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सीमित संसाधनों और लगातार संघर्ष के बावजूद हासिल की गई यह सफलता हजारों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
बागपत से जुड़ा है पारिवारिक मूल, परिवार का मिला पूरा सहयोग
नेहा पांचाल का मूल संबंध उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र से है। उनका पैतृक गांव कुठ्ठी घनोरा है। उनके पिता सुनील पांचाल निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि माता पिंकी पांचाल गृहिणी हैं। नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के निरंतर समर्थन और विश्वास को दिया है।
नेहा ने बताया कि उनकी तैयारी के दौरान परिवार ने हर स्तर पर उनका साथ दिया। विशेष रूप से उनके पति, जो सैमसंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट में मैनेजर पद पर कार्यरत हैं, ने उन्हें मानसिक रूप से हमेशा मजबूत बनाए रखा और कठिन समय में प्रेरित किया।
चौथे प्रयास में मिली सफलता, 2018 से कर रही थीं तैयारी
नेहा पांचाल वर्ष 2018 से सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने दिल्ली के श्याम लाल कॉलेज से बीकॉम में स्नातक किया और इसके बाद पूरी गंभीरता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। वर्ष 2023 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति विज्ञान विषय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 2023 में वह संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन महज दो अंकों से चूक गया। इस असफलता को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि इसे सीख के रूप में लेकर अपनी तैयारी को और मजबूत किया।
राज्य से जुड़े विषयों पर रखा विशेष फोकस
नेहा ने बताया कि पीसीएस परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों जैसे इतिहास, भूगोल, प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना है कि राज्य की गहराई से समझ के बिना पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल करना कठिन है।
आंसर राइटिंग और मॉक टेस्ट बने सफलता की कुंजी
नेहा पांचाल ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय नियमित उत्तर लेखन अभ्यास को दिया। उन्होंने बताया कि मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने रोजाना निर्धारित समय में उत्तर लिखने की आदत डाली। उनकी तैयारी पूरी तरह सेल्फ स्टडी, नोट्स, उत्तर लेखन और नियमित मॉक टेस्ट पर आधारित रही।
उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों के पास ज्ञान तो होता है, लेकिन वे उसे उत्तर पुस्तिका में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिससे अंक प्रभावित होते हैं। सही प्रस्तुति और स्पष्ट अभिव्यक्ति ही बेहतर परिणाम दिलाती है।
मॉक इंटरव्यू से बढ़ा आत्मविश्वास
इंटरव्यू की तैयारी को लेकर नेहा ने बताया कि मॉक इंटरव्यू ने उनके आत्मविश्वास को काफी मजबूत किया। इससे उन्हें अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावी तरीके से व्यक्त करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि पीसीएस जैसी परीक्षा में केवल पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि परीक्षा के पैटर्न और उत्तर देने की शैली को समझना भी जरूरी है।
परिणाम के बाद पेश की ईमानदारी की मिसाल
नेहा पांचाल ने अपनी सफलता के बाद एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने बताया कि वह पीसीएस-2025 की मुख्य परीक्षा देने पहुंची थीं, लेकिन जैसे ही उन्हें पीसीएस-2024 में टॉप करने की जानकारी मिली, उन्होंने परीक्षा बीच में ही छोड़कर वापस लौटने का निर्णय लिया।
नेहा ने कहा कि अब अन्य योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलना चाहिए। उनका यह निर्णय न केवल उनकी ईमानदारी को दर्शाता है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को भी उजागर करता है।
अभ्यर्थियों के लिए संदेश: असफलता से सीखें, धैर्य बनाए रखें
नेहा पांचाल ने प्रतियोगी छात्रों को सलाह दी कि असफलता को अंत नहीं बल्कि सीखने का अवसर समझें। उन्होंने कहा कि दूसरों की रणनीति की नकल करने के बजाय अपनी क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार अध्ययन योजना बनानी चाहिए।
उनका मानना है कि हर अभ्यर्थी की समझ, समय और पृष्ठभूमि अलग होती है, इसलिए अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानकर तैयारी करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि धैर्य और निरंतरता सबसे बड़ी पूंजी है और सफलता उन्हीं को मिलती है जो अंत तक अपने लक्ष्य पर डटे रहते हैं।
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