एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने पर सरकार का फोकस पीएनजी पर: बक्सर में तेज होगी पाइप गैस परियोजना
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में बिहार के बक्सर जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना को गति देने का निर्णय लिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद अब इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
4-6 महीनों में डुमरांव के 500 घरों तक पहुंचेगी पीएनजी
जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर डुमरांव शहर में पीएनजी आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, अगले चार से छह महीनों के भीतर लगभग 500 घरों में पीएनजी कनेक्शन के जरिए गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इन घरों में आवश्यक उपकरणों की स्थापना पहले ही पूरी की जा चुकी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में डुमरांव शहर के चयनित क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति शुरू होगी, जिसके बाद मांग के अनुसार अन्य उपभोक्ताओं को भी जोड़ा जाएगा।
जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, दिए सख्त निर्देश
मंगलवार को जिलाधिकारी साहिला ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पीएनजी आपूर्ति लाइन को जल्द शुरू करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य को तेजी से पूरा करें।
एनओसी की बाधा जल्द होगी दूर
बक्सर तक पाइपलाइन विस्तार में सबसे बड़ी अड़चन एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलना बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह बाधा जल्द दूर कर ली जाएगी और कार्य में तेजी लाई जाएगी।
फिलहाल आरा से होते हुए प्रतापसागर तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है और डुमरांव तक आपूर्ति लाइन भी तैयार है।
पीएनजी और सीएनजी दोनों परियोजनाओं पर एक साथ काम
बक्सर जिले में पीएनजी के साथ-साथ सीएनजी नेटवर्क के विकास पर भी समानांतर रूप से कार्य किया जा रहा है। पीएनजी से जहां घरों, होटलों और उद्योगों में गैस आपूर्ति होगी, वहीं सीएनजी के माध्यम से वाहनों को सस्ता और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।
वर्तमान में दलसागर क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों पर ही सीएनजी उपलब्ध है, लेकिन भविष्य में इसे बक्सर शहर के अन्य पेट्रोल पंपों तक विस्तारित करने की योजना है।
इंडियन ऑयल को मिली जिम्मेदारी
बक्सर जिले में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना का कार्य मुख्य रूप से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा किया जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने बक्सर, भोजपुर, अरवल और जहानाबाद को एक संयुक्त सीजीडी क्षेत्र के रूप में अधिकृत किया है।
इस पूरे क्षेत्र में पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क विकसित करने की जिम्मेदारी आईओसीएल की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाई को सौंपी गई है।
कैसे लें पीएनजी कनेक्शन
पीएनजी कनेक्शन के लिए उपभोक्ता सर्वे टीम, स्थानीय कार्यालय या आईओसीएल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए पते का प्रमाण आवश्यक होता है। कंपनी स्थापना शुल्क लेती है, जिसके बदले उपभोक्ता को किचन तक पाइपलाइन, मीटर और रेगुलेटर उपलब्ध कराया जाता है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत एजेंसियों से ही कनेक्शन लें, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और सस्ता विकल्प
पीएनजी को एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है। इसमें गैस लीक होने की स्थिति में आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है, जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। साथ ही इसमें सिलिंडर फटने जैसी घटनाओं का खतरा नहीं होता।
इसके अलावा पीएनजी का मासिक खर्च भी एलपीजी के मुकाबले कम आता है, जिससे यह उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होता है।
निष्कर्ष
एलपीजी आपूर्ति पर संभावित असर को देखते हुए पीएनजी को बढ़ावा देने का सरकार का निर्णय दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। बक्सर जिले में इस परियोजना के तेज होने से न केवल लोगों को बेहतर और सुरक्षित ईंधन मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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